त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन जयपुर के जौहरी बाजार में इस बार कारोबारियों को वैसी रौनक नजर नहीं आ रही। सोने-चांदी के भाव में हालिया गिरावट के बावजूद बाजार में खरीदारी सुस्त है। कारोबारी इसकी वजह सिर्फ कीमतों में उतार-चढ़ाव को नहीं मानते। शहर के बाहर तेजी से खुलते ज्वेलरी शोरूम, बदलते खरीदारी केंद्र और लोगों की घटती खरीदने की क्षमता भी बाजार की चमक फीकी कर रही है।
सराफा कारोबारी भीम सिंह जैन के मुताबिक, जयपुर का विस्तार होने के साथ बाहरी इलाकों में ज्वेलरी की दुकानें और बड़े ब्रांडेड शोरूम तेजी से बढ़े हैं। इससे ग्राहकों के पास घर के नजदीक ही खरीदारी के विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। नतीजतन, पहले जौहरी बाजार आने वाले खरीदारों का एक बड़ा वर्ग अब शहर के दूसरे इलाकों में ही खरीदारी कर रहा है। दूसरी ओर, लोगों की परचेजिंग पावर पर दबाव के कारण भी आभूषणों की खरीद प्रभावित हो रही है। ऐसे में सोने-चांदी के भाव नीचे आने के बाद भी कारोबारियों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही।
भावों में उतार-चढ़ाव से ग्राहक बना रहे दूरी
सराफा कारोबारी अश्विनी तिवाड़ी का कहना है कि बीते एक साल में सोने-चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इससे ग्राहक खरीदारी को लेकर असमंजस में हैं। उनके मुताबिक, भाव स्थिर रहने पर बाजार में खरीदारों का भरोसा बढ़ता है, लेकिन कीमतों में लगातार बदलाव होने से लोग खरीदारी टालने लगते हैं।
तिवाड़ी के अनुसार, फिलहाल खरीदारी काफी कम हो गई है। कई दिन बाजार में ग्राहक बहुत कम नजर आते हैं। ऐसे में कारोबारियों की चिंता सिर्फ भावों में गिरावट को लेकर नहीं, बल्कि बाजार में ग्राहकों की आवाजाही और खरीदारी की कमी को लेकर भी है।
जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे सोने-चांदी के भाव
बीते एक साल में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव रहा है। उपलब्ध ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 के आखिर में 24 कैरेट सोना करीब 1.79 लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया था। इसी दौरान चांदी का भाव भी करीब 4.11 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर तक गया था। इसके बाद दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, अलग-अलग भाव-ट्रैकिंग स्रोतों में दर्ज अधिकतम कीमतों में अंतर है।
28 अक्टूबर 2026 के उपलब्ध बाजार भावों के मुताबिक, जयपुर में 24 कैरेट सोना करीब 1.43 लाख से 1.45 लाख रुपये प्रति दस ग्राम के दायरे में था। वहीं, चांदी का भाव अलग-अलग स्रोतों में करीब 2 लाख से 2.20 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास दर्ज किया गया। ये संदर्भ दरें हैं। स्थानीय सराफा बाजार में शुद्धता, प्रीमियम और अन्य शुल्क के कारण वास्तविक भाव अलग हो सकते हैं।
जनवरी के उच्च स्तर से तुलना करें तो सोने-चांदी के भाव काफी नीचे आए हैं, लेकिन कीमतों में गिरावट का असर बाजार की खरीदारी में उसी अनुपात में दिखाई नहीं दे रहा। कारोबारियों की बातों से संकेत मिलता है कि ग्राहकों की खरीदारी का फैसला केवल भावों पर निर्भर नहीं है। बाजार तक पहुंच, दूसरे इलाकों में उपलब्ध विकल्प और खर्च करने की क्षमता भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
शहर के बाहर बढ़े शोरूम, जौहरी बाजार से छिटके ग्राहक
कारोबारियों के मुताबिक, जयपुर का विस्तार होने के साथ खरीदारी के केंद्र भी बदल रहे हैं। बाहरी इलाकों में नई ज्वेलरी दुकानें और बड़े ब्रांडेड शोरूम खुलने से ग्राहकों को अब हर खरीदारी के लिए जौहरी बाजार आने की जरूरत नहीं रह गई है। घर के पास उपलब्ध विकल्पों ने पारंपरिक बाजार तक पहुंचने वाले ग्राहकों की संख्या पर असर डाला है।
भीम सिंह जैन का कहना है कि बाजार में सुस्ती की एक वजह लोगों की खरीदने की क्षमता में कमी आना भी है। सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ ग्राहक बड़े आभूषण खरीदने का फैसला टाल रहे हैं, जबकि कुछ अपने बजट के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। इससे भावों में गिरावट के बावजूद कारोबार में तेजी नहीं आ रही।
सिर्फ भाव गिरने से नहीं लौटेगी बाजार की रौनक
सोने-चांदी के भाव पहले के मुकाबले नीचे आए हैं, लेकिन जौहरी बाजार में इसका असर नहीं दिख रहा। कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक अब दूसरे इलाकों में खुले शोरूम से खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, भाव में बार-बार बदलाव और लोगों के पास खर्च करने के लिए कम पैसे होने से भी खरीदारी घट रही है।