महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी में पशुपतिनाथ मुहाना सिद्ध पीठ धाम में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशेष अभिषेक किया गया। संत कमलेशजी महाराज के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने शिव भक्ति में लीन होकर महादेव का अभिषेक किया। इस दौरान दूध, फलों के रस, पंचामृत और विशेष रूप से इत्र से भगवान शिव का अभिषेक संपन्न हुआ।
इत्र से अभिषेक की अनूठी परंपरा
संत कमलेशजी महाराज ने बताया कि भगवान शिव को इत्र अर्पित करने के पीछे एक खास आध्यात्मिक संदेश छिपा है। इत्र की सुगंध पूरे वातावरण को महकाती है, ठीक वैसे ही महादेव अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। उन्होंने कहा कि महादेव को जो भी अर्पण किया जाता है, वह उसे सहर्ष स्वीकार कर जगत कल्याण का आशीर्वाद देते हैं। इसलिए इत्र से अभिषेक कर पूरे संसार को सुगंधित करने का संदेश दिया जाता है।
स्वच्छता और अनुशासन बना मिसाल
पशुपतिनाथ मुहाना सिद्ध पीठ धाम की एक और विशेषता इस बार भी देखने को मिली—यहां की अनुशासन प्रणाली और स्वच्छता। भक्तगण पूर्ण श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए अभिषेक कर रहे थे और पूरे मंदिर परिसर को स्वच्छ बनाए रखने का विशेष ध्यान रखा गया। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अस्वच्छता न हो।
शिवरात्रि के पावन पर्व पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान शिव के दर्शन कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की। महाशिवरात्रि महोत्सव में भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और महाप्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम भी संपन्न हुए।
पशुपतिनाथ मुहाना सिद्ध पीठ धाम में इस दिव्य आयोजन ने एक बार फिर श्रद्धालुओं के दिलों में भक्ति और सेवा का भाव जागृत किया, जिससे मंदिर परिसर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत नजर आया।