राजस्थान में उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 में पेपर लीक और डमी अभ्यर्थियों को बैठाने के बड़े खुलासे के तहत पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, ए.टी.एस. और एस.ओ.जी. वीके सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी रामनिवास विश्नोई की निशानदेही पर महेंद्र कुमार पुत्र मंछाराम बोराणा को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 42 वर्षीय महेंद्र कुमार निवासी ओडो की गली गायत्री मंदिर के पास भीनमाल जिला जालोर का रहने वाला है। वह भीनमाल में ‘अजंता फोटो स्टूडियो’ नाम से फोटो स्टूडियो संचालित करता है। आरोपी फोटो स्टूडियो में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के साथ-साथ फोटो मिक्सिंग का कार्य करता था।
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जांच में सामने आया कि उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के लिए महेंद्र कुमार ने मूल अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थियों को बैठाने के लिए फर्जी फोटो तैयार की थीं। आरोपी ने रामनिवास विश्नोई और हनुमानाराम की तस्वीरों को मिक्स कर नई फोटो बनाई, जो रामनिवास के एडमिट कार्ड पर लगाई गई। इसी तरह नरपतलाल और हनुमानाराम की फोटो को मिक्स कर नरपतलाल के एडमिट कार्ड पर चिपकाई गई। इन एडमिट कार्ड्स के जरिए डमी अभ्यर्थियों ने 14 और 15 सितंबर 2021 को परीक्षा में भाग लिया और परीक्षा पास की।
महेंद्र कुमार को 14 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 16 अप्रैल 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अब तक इस मामले में कुल 100 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महेंद्र कुमार ने और कितने अभ्यर्थियों की फोटो मिक्सिंग कर कूटरचना की है।
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