पुलिस की नाक के नीचे से साइबर ठगी का आरोपी दीपक सिंह फरार हो गया। आरोपी को एक दिन पहले ही साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बीती रात वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस रात भर आरोपी को ढूंढने का प्रयास करती रही। अभी तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला है।
जानकारी के अनुसार घटना के वक्त आरोपी के हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। घटना बीती रात 8.40 बजे की है, जब पुलिस कमिश्नरेट के कमरा नंबर 27 में 2 दिन की रिमांड पर चल रहे आरोपी दीपक सिंह से पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे एक कोने में बैठा दिया था। इसी दौरान जांच अधिकारी कुछ दस्तावेजों की छानबीन कर रहे थे कि अचानक देखा आरोपी गायब हो गया। पता चला कि दीपक सिंह ने हथकड़ी को अनलॉक कर खिड़की से छलांग लगाई और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।
पुलिस के अनुसार दीपक सिंह सवाई माधोपुर जिले के खंडार के पास काछड़ा का रहने वाला है और साइबर फ्रॉड के लिए फेक अकाउंट बनवाता था। इससे पहले इसी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन दीपक सिंह फरार था। साइबर थाने में रिनोवेशन का काम चल रहा था और हवालात भी नहीं था, इसलिए आरोपी को कमिश्नरेट के कमरे में बंद किया गया था। लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
इस घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि जहां से आरोपी फरार हुआ है, वहां जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित तमाम आला अधिकारी बैठते हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और उसे जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश जारी है।