जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) 2025 इस बार नए बदलावों के साथ आयोजित होगा। 30 जनवरी से तीन फरवरी तक होने वाले इस फेस्टिवल में साहित्यिक चर्चाओं के लिए नया वेन्यू चुना गया है। विवादों में रहे 'मुगल टेंट' की जगह अब होटल क्लार्क्स आमेर के नए बैंक्वेट हॉल को 'सूर्य महल' नाम देकर चर्चाओं का प्रमुख स्थल बनाया गया है।
पिछले दो वर्षों से 'मुगल टेंट' विवाद का विषय बना हुआ था। इसे लेकर राजस्थान के उदयपुर राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह और अन्य राजनेताओं ने आपत्ति जताई थी। अब किसकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने इस बार मुगल टेंट को फूड एरिया में तब्दील किया गया है। आयोजकों ने बताया, इस बार बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर भी कई सेशन रखे गए हैं।
साहित्य और संगीत का उत्सव
इस बार की थीम "उत्सव" रखी गई है। फेस्टिवल में 250 से अधिक साहित्यकार शामिल होंगे, जो अपने विचार और रचनाओं से दर्शकों को प्रेरित करेंगे। जयपुर म्यूजिक स्टेज पर कैलाश खेर, सुशीला रमन, अभिजीत पोहनकर और अन्य प्रमुख कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
आयोजन स्थल और सजावट
होटल क्लार्क्स आमेर को उत्सव थीम पर सजाया जाएगा। टीमवर्क्स आर्ट्स के निदेशक संजोय रॉय ने बताया कि बारिश से होने वाली परेशानियों के चलते भी वेन्यू में बदलाव किया गया है। 'सूर्य महल' में सभी चर्चाएं आयोजित होंगी, जो एक आधुनिक और भव्य स्थल है।
विशिष्ट आयोजन और बहस
इस वर्ष फेस्टिवल में विभिन्न विषयों पर चर्चाओं के साथ-साथ संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। 'द अमीर खुसरो प्रोजेक्ट', 'कबीरा खड़ा बाजार में' जैसे अनूठे प्रोजेक्ट दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगे। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 एक बार फिर साहित्य, संस्कृति और संगीत का संगम प्रस्तुत करने से पहले ही चर्चाओं का केंद्र बन गया है।