केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर
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जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल के जवाब में खट्टर ने कहा कि रिकॉर्ड पर आए तथ्यों को देखने के बाद प्राइमरी तौर पर यह लगा कि किसी व्यक्ति विशेष को बहुत बड़ा फायदा पहुंचाया गया था, जिसके कारण यह राजनीतिक मुद्दा बना। हालांकि इन्क्वायरी कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि इस मामले में किसी को जेल भेजने जैसी कोई बात नहीं है। चूंकि यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए उन्होंने इस पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस जांच को राजनीतिक दुर्भावना से नहीं कराया गया था।
गौरतलब है कि 2013-14 में हरियाणा के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की एक रिपोर्ट के आधार पर भाजपा ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा पर हरियाणा में कौड़ियों के दाम पर जमीन देने और मोटा फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मई 2014 को हिसार की चुनावी जनसभा में कहा था कि इन मां-बेटों और दामाद से एक-एक इंच जमीन का हिसाब लिया जाएगा। इसके बाद भाजपा नेताओं ने राजनीतिक मंचों से इन लोगों को जेल में डालने की बातें भी की थीं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के इस बयान के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट में मामले की सुनवाई कैसे आगे बढ़ती है और विपक्ष की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है।