जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में कॉर्पोरेट जगत को झकझोर देने वाला हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक कारोबारी को एआई तकनीक के जरिए जाल में फंसाकर उससे करीब 90 लाख रुपये की उगाही की गई। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जोधपुर से मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
एआई और डीपफेक तकनीक से रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने कारोबारी से नजदीकियां बढ़ाने के बाद उसके करोड़ों रुपये के एआई प्रोजेक्ट पर कब्जा करने की साजिश रची। इसके लिए उसने आधुनिक एआई टूल्स और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कारोबारी की कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार किए। बाद में इन्हें सोशल मीडिया और ईमेल पर वायरल करने की धमकी देकर कारोबारी पर लगातार दबाव बनाया गया।
बदनामी के डर से देता रहा पैसे
पीड़ित कारोबारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी गिरोह लंबे समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। बदनामी और परिवार पर खतरे के डर से वह लगातार पैसे देता रहा। आरोपी अब तक करीब 90 लाख रुपये वसूल चुके थे। इसके बाद भी गिरोह ने अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग कर दी। रकम नहीं देने पर झूठे रेप केस में फंसाने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक व्यक्ति मास्टरमाइंड के रूप में काम कर रहा था, जो पूरे षड्यंत्र को संचालित कर रहा था। महेश नगर थाना पुलिस और डीसीपी साउथ की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी महिला को जोधपुर से गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
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कई और पीड़ितों के सामने आने की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बदनामी के डर से कई अन्य पीड़ित अब तक सामने नहीं आए हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के पहलुओं को भी खंगाल रही है।