राजस्थान सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 26 रुपये प्रतिदिन बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रत्येक वर्ग के लिए न्यूनतम मजदूरी की दरों में 26 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
राज्य सरकार श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक सम्बल देने के लिए लगातार अहम निर्णय ले रही है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब अकुशल श्रमिक को 259 रुपये के बजाय 285 रुपये प्रतिदिन या 7410 रुपये प्रतिमाह, अर्द्धकुशल श्रमिक को 271 रुपये के स्थान पर 297 रुपये प्रतिदिन या 7722 रुपये प्रतिमाह, कुशल श्रमिक को 283 रुपये के स्थान पर 309 रुपये प्रतिदिन या 8034 रुपये प्रतिमाह तथा उच्च कुशल श्रमिक को 333 रुपये के स्थान पर 359 रुपये प्रतिदिन या 9334 रुपये प्रतिमाह मजदूरी प्राप्त होगी।
मजदूरों और कामगारों के आर्थिक हित को देखते हुए बढ़ी हुई मजदूरी की दरों को 2 जनवरी, 2023 से प्रभावी किया जाएगा। श्रम विभाग की ओर से न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत 56 नियोजनों में न्यूनतम मजदूरी की वर्तमान में प्रभावी दरों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में जुलाई, 2021 से दिसम्बर, 2022 तक हुई 687 अंकों की वृद्धि के अनुसार प्रतिदिन 26 रुपये का इजाफा करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था। न्यूनतम मजदूरी की दरों में पिछली वृद्धि सात रुपये प्रतिदिन की दर से एक जुलाई, 2021 से लागू की गई थी।