भीषण गर्मी के साथ गंभीर जलसंकट से जूझ रहे राजस्थान को अब सिर्फ भगवान का आसरा है। खुद पेयजल विभाग के मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने यह कहा है। कंटिंजेंसी प्लान को लेकर बैठक करने के बाद जब पेयजल की स्थिति पर उनसे सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा- पानी जितना होगा, उतना ही तो दिया जाएगा। पिछली बार भी कम बारिश हुई, अगर इस बार भी बारिश कम हुई तो हालत क्या होगी? इस सवाल पर उन्होंने कहा- मैं फूंक मारकर, बालाजी बनकर पानी ले आऊं, यह संभव नहीं है।
राजस्थान के 50 प्रतिशत जिलों में 72 घंटे में एक बार भी पीने का पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है। प्रदेश के 688 बांधों में से 442 बांध खाली हो चुके हैं। 243 आंशिक रूप से भरे हैं और सिर्फ तीन बांध ही पूरी तरह भरे हुए हैं। यह सरकारी आंकड़ा है। हालत यह है कि कंटिंजेंसी प्लान सिर्फ इसलिए पेंडिंग हैं क्योंकि प्लान में विधायकों और सांसदों से पूछकर काम करवाने का प्रावधान है। अभी प्रदेश में आचार संहिता लागू है, जिससे यह काम अटका पड़ा है।
दिन में फलौदी तो रात में कोटा सबसे गर्म
प्रदेश में गर्मी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। दिन के साथ-साथ अब रातें भी जानलेवा हो रही हैं। कोटा में रात्रि का न्यूनतम तापमान प्रदेश में सबसे ज्यादा 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरे राजस्थान में आज तीव्र हीट वेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
| शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
| फलौदी |
49.4 |
प्राप्त नहीं |
| बाड़मेर |
49.3 |
32.0 |
| जैसलमेर |
48.7 |
30.0 |
| श्रीगंगानगर |
48.3 |
30.6 |
| कोटा |
48.2 |
36.0 |
| बीकानेर |
48.2 |
31.4 |
| चूरू |
48.0 |
30.0 |
| जयपुर |
46.4 |
33.6 |