Rajasthan: राजस्थान में कॉपरेटिव सोसायटी संजीवनी में निवेशकों के पैसे गबन को लेकर चल रहे मामले में बुधवार को हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को आरोप मुक्त कर दिया। अब पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने मामले में प्रतिक्रिया देते हुए फिर से सियासत में उबाल ला दिया।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने संजीवनी मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को मिली क्लीन चिट पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के दबाव में जांच एजेंसी SOG ने यूटर्न ले लिया। उन्होंने कहा कि मेरी मांग है कि निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटार्यड न्यायाधीश की अध्यक्षता में SIT बनाकर इस प्रकरण की जांच की जाए, जिससे पता चले कि कांग्रेस शासन में SOG द्वारा गलत जांच की गई या अभी दबाव में SOG ने गलत रिपोर्ट तैयार की है। कांग्रेस सरकार के समय इस केस में SOG ने फॉरेंसिक ऑडिट तक करवाकर भी जांच की थी। मेरा उद्देश्य लाखों पीड़ितों के साथ न्याय सुनिश्चित कर उनके जीवन की मेहनत की कमाई वापस उनको दिलवाने का है।
बीजेपी सरकार ने जांच अधिकारी बदला
SOG ने शेखावत का आरोपियों से सीधा संबंध माना
यही नहीं गहलोत ने आगे SOG द्वारा पूर्व में लिखे पत्रों का हवाला देते हुए लिखा कि SOG द्वारा 12 अप्रेल 2023 को राजकीय अधिवक्ता को लिखे गए पत्र क्रमांक SOG/SFIU/INV/2023/220 में इस केस की तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी जिसके पेज नंबर 7 पर शेखावत एवं उनके परिजनों की अपराध में संलिप्तता होने की बात लिखी और आरोपी माना। इस रिपोर्ट में लिखा गया कि जिन कंपनियों की संलिप्तता संजीवनी घोटाले में है उनसे गजेन्द्र सिंह शेखावत का सीधा संबंध है।