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Jaipur Serial Blast Case: जिंदा बम मामले में चार आरोपी दोषी करार, आठ अप्रैल को सुनाई जाएगी सजा

Fri, 04 Apr 2025 06:25 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Jaipur Blast Case: साल 2008 में हुए सीरियल बम बलास्ट के बाद मिले जिंदा बम मामले में चार आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी होने के बाद उन्हें दोषी करार दिया गया है। विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आठ अप्रैल को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
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ब्लास्ट की तस्वीर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में साल 2008 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के बाद मिले जिंदा बम मामले में बड़ा फैसला आया है। विशेष अदालत ने इस मामले में चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। अब अदालत आठ अप्रैल को दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।

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बता दें कि 13 मई 2008 को जयपुर में आठ सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे, जिसमें कई लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद चांदपोल के रामचंद्र मंदिर के पास जिंदा बम बरामद हुए थे। मामले की जांच में जुटी एजेंसियों ने चार आरोपियों को इस जिंदा बम मामले में गिरफ्तार किया था।

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कोर्ट का फैसला
29 मार्च को इस मामले में फैसला आना था। लेकिन तकनीकी कारणों से यह टल गया था। आखिरकार, चार अप्रैल को कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दे दिया। अब सात अप्रैल को अदालत उनकी सजा पर फैसला सुनाएगी।

पहले भी हो चुका है बड़ा फैसला
इससे पहले, 20 दिसंबर 2019 को जयपुर बम ब्लास्ट की विशेष अदालत ने सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और एक अन्य नाबालिग को फांसी की सजा सुनाई थी, जबकि आरोपी शाहबाज अहमद को बरी कर दिया गया था।

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इसके बाद एटीएस ने 25 दिसंबर 2019 को जिंदा बम मामले में इन्हीं आरोपियों को जेल से गिरफ्तार किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने 29 मार्च 2023 को विशेष अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इसके बाद पीड़ितों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी।

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कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला

बताते चलें, जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान को दोषी करार दिया। दोषी करार होने के बाद कोर्ट से बाहर निकलते हुए आरोपी बेशर्मी के साथ मुस्कुराते हुए नजर आए।

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सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान पुलिस सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किए गए। वहीं, जमानत पर चल रहे आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी भी कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने चारों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 121-A, 124-A, 153-A, 307, अनलॉफुल एक्टिविटी (प्रिवेंशन) एक्ट-1967 की धारा 18, विस्फोटक अधिनियम 1908 की धारा 4 और 5 सहित 6 धाराओं में दोषी करार दिया। कोर्ट की ओर से चारों आरोपियों को दोषी करार देने के बाद आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी को भी हिरासत में लिया गया।

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इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से चार आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान के खिलाफ 112 गवाहों के बयान दर्ज करा करीब 1200 दस्तावेज भी कोर्ट के सामने रखे गए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कोई भी गवाह के बयान दर्ज नहीं कराए गए। बचाव पक्ष ने 122 दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे थे। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में और पूर्व में जयपुर बम ब्लास्ट केस के तथ्य समान हैं। इन्हीं समान तथ्यों पर हाईकोर्ट आरोपियों को बरी कर चुका है।

इस मामले में अभियोजन पक्ष यह भी पता नहीं कर पाया है कि साइकिल किसने रखी थी। वहीं, चांदपोल गेट के बाहर किसी आरोपी की निशानदेही भी साबित नहीं हो पाई है। इसलिए आरोपियों को दोषमुक्त किया जाए। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने और तमाम गवाहों और तथ्यों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा के बिंदु पर बहस आठ अप्रैल को तय की है।

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