बताते चलें, जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान को दोषी करार दिया। दोषी करार होने के बाद कोर्ट से बाहर निकलते हुए आरोपी बेशर्मी के साथ मुस्कुराते हुए नजर आए।
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सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान पुलिस सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किए गए। वहीं, जमानत पर चल रहे आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी भी कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने चारों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 121-A, 124-A, 153-A, 307, अनलॉफुल एक्टिविटी (प्रिवेंशन) एक्ट-1967 की धारा 18, विस्फोटक अधिनियम 1908 की धारा 4 और 5 सहित 6 धाराओं में दोषी करार दिया। कोर्ट की ओर से चारों आरोपियों को दोषी करार देने के बाद आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी को भी हिरासत में लिया गया।
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इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से चार आरोपी शाहबाज हुसैन, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान के खिलाफ 112 गवाहों के बयान दर्ज करा करीब 1200 दस्तावेज भी कोर्ट के सामने रखे गए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से कोई भी गवाह के बयान दर्ज नहीं कराए गए। बचाव पक्ष ने 122 दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे थे। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में और पूर्व में जयपुर बम ब्लास्ट केस के तथ्य समान हैं। इन्हीं समान तथ्यों पर हाईकोर्ट आरोपियों को बरी कर चुका है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष यह भी पता नहीं कर पाया है कि साइकिल किसने रखी थी। वहीं, चांदपोल गेट के बाहर किसी आरोपी की निशानदेही भी साबित नहीं हो पाई है। इसलिए आरोपियों को दोषमुक्त किया जाए। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने और तमाम गवाहों और तथ्यों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा के बिंदु पर बहस आठ अप्रैल को तय की है।