पूर्व विदेश मंत्री के. नटवर सिंह का शनिवार रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें पिछले कुछ हफ्तों से भर्ती किया गया था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक उनके बेटे अस्पताल में हैं और उनके परिवार के कई अन्य सदस्य अंतिम संस्कार के लिए रविवार को दिल्ली आ रहे हैं।
भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी से देश के विदेश मंत्री तक के औहदे पर पहुंचने वाले नटवर सिंह राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले थे। नटवर सिंह की प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के मेयो कॉलेज से हुई थी। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया कॉलेज से पढ़ाई की, साथ ही इनकी उच्च शिक्षा सेंट स्टीफंस कॉलेज से हुई। बाद में उन्होंने इंग्लैंड के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। इनके पिता भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में अहम पद पर कार्यरत थे।
वर्ष 1984 में जीता था पहला चुनाव
1953 में नटवर सिंह को भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लिए चुना गया और 31 साल तक उन्होंने सेवाएं दीं। उन्होंने चीन, न्यूयॉर्क, पोलैंड, इंग्लैंड, पाकिस्तान, जमैका और जाम्बिया सहित कई देशों में सेवा की। इंदिरा गांधी के निधन के बाद नटवर सिंह ने 1984 में विदेश सेवा से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के टिकट पर भरतपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता। इसके बाद उन्हें राज्यमंत्री का पद मिला।