सांसद हनुमान बेनीवाल अपने समर्थकों के साथ चार घंटे तक तेज बारिश में परिजनों के साथ धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा, 'मुझे मालूम है कि इस असंवेदनशील सरकार को झुकाने के लिए आप सबकी बाजुएं फड़क रही हैं, लेकिन हमें कानून-व्यवस्था का भी ध्यान रखना है। यदि सरकार संतोषजनक समाधान नहीं देती है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।
जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर छह दिनों से धरने पर बैठे डॉ. राकेश बिश्नोई के परिजनों और समाजजनों का धरना आखिरकार सातवें दिन सरकार से सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया। लगातार बारिश के बाद भी परिजन धरने पर डटे रहे। गुरुवार को सांसद हनुमान बेनीवाल धरनास्थल पर पहुंचे और मृतक डॉक्टर बिश्नोई की मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी दी। इसके बाद सरकार हरकत में आई।
दरअसल, शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे सांसद हनुमान बेनीवाल अपने समर्थकों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। वे चार घंटे तक तेज बारिश में परिजनों के साथ धरने पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'मुझे मालूम है कि इस असंवेदनशील सरकार को झुकाने के लिए आप सबकी बाजुएं फड़क रही हैं, लेकिन हमें कानून-व्यवस्था का भी ध्यान रखना है। यदि सरकार संतोषजनक समाधान नहीं देती है, तो हम पीछे नहीं हटेंगे'।
सरकार से बनी सहमति, धरना समाप्त
शाम करीब 6:30 बजे सरकार और परिजनों के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई। जिसमें निम्नलिखित मांगों पर सहमति बनी। जैसे- संबंधित विभागाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से एपीओ (Awaiting Posting Order) किया जाए। जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जाए, जो 45 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपेगी। डॉ. बिश्नोई को जयपुर रैफर करने के प्रशासनिक निर्णय की अलग से जांच की जाएगी, जबकि उस समय जोधपुर में एक्मो मशीन उपलब्ध थी। मृतक डॉ. राकेश बिश्नोई के एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाएगी। परिवार को उचित मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।