इंद्र ध्वज हाथ में पकड़े लोग
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जयपुर रियासत की स्थापना के समय से ही जंतर मंतर पर यह वायु परीक्षण हर वर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की गुरु पूर्णिमा पर वर्षा के संकेत पढ़ने के लिए किया जाता है। आचार्य शिवदत्त शास्त्री ने बताया कि इस बार जंतर मंतर पर गुरुवार को सूर्यास्त के बाद शाम 7 बजकर 19 मिनट पर वायु परीक्षण किया गया। परीक्षण से पहले इंद्र ध्वज का पूजन कर उसे सम्राट यंत्र के शीर्ष पर करीब 90 फीट की ऊंचाई पर स्थापित किया गया। इसके बाद हवा के प्रवाह की दिशा और गति का अवलोकन किया गया।
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परीक्षण करने वाले पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि सूर्यास्त के समय 7:19 मिनट पर इंद्र ध्वज को हवा में रखकर वायु प्रवाह की दिशा देखी गई। यह प्रक्रिया शाम 7:18 से 7:20 बजे तक चली। इस दौरान हवा की दिशा पूर्व से पश्चिम की ओर थी, जिसे वर्षा काल के लिए शुभ माना जाता है। खास बात यह रही कि परीक्षण के समय बारिश भी हो रही थी, जो अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है।