बिहार के बाद राजस्थान में भी राजस्थान में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम तेजी से चल रहा है। इसके तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में 1200 या इससे अधिक वोटरों वाले पोलिंग बूथों का पुनर्गठन किया जाए। नवीन महाजन ने शुक्रवार को मतदान केन्द्र पुनर्गठन को लेकर राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने शासन सचिवालय से वीसी के जरिए सभी संभागीय आयुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 से अधिक मतदाताओं वाले समस्त मतदान केन्द्रों का पुनर्गठन करना सुनिश्चित करें। महाजन ने कहा कि जहां तक संभव हो पुनर्गठन की प्रक्रिया में नजदीकी मतदान केंद्र पर मतदाताओं का समायोजन किया जाए। यदि नजदीक के मतदान केंद्र पर समायोजन नहीं हो सके तो ऐसी स्थिति में ही मतदान केंद्र का विभाजन किया जाए।
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एक परिवार के मतदाताओं को एक साथ ही रखा जाएगा
महाजन ने कहा कि अनुभाग विभाजन की स्थिति में एक परिवार के सभी मतदाताओं को आवश्यक रूप से एक साथ रखा जाएं। पुनर्गठन प्रस्तावों के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी ब्यावर एवं भरतपुर द्वारा 5 अगस्त को, अजमेर, बालोतरा, चूरू, डीडवाना-कुचामन, डीग, धौलपुर, जैसलमेर, करौली, नागौर, प्रतापगढ़, सलूंबर, टोंक, सीकर में 6 अगस्त को तथा अलवर, बांसवाड़ा, बारां बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डूंगरपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, खैरथल- तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड, पाली, फलोदी, राजसमंद, सवाई-माधोपुर, सिरोही, उदयपुर में 7 अगस्त को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस संबंध में चर्चा की गयी। महाजन ने बताया कि अब तक 30 जिलों से पुनर्गठन के प्रस्ताव प्राप्त किए जा चुके हैं। जिनकी राज्य स्तर पर समीक्षा की जा रही है। समस्त जिलों से प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत राज्य स्तर पर समीक्षा कर भारत निर्वाचन आयोग को अनुमोदन हेतु भेजे जाएंगे।