राजस्थान के मंदिरों में अब छोटे कपड़े पहनकर जाने वाली महिलाओं की एंट्री पर सवाल उठने लगे हैं। भीलवाड़ा और उदयपुर के बाद अब जयपुर में भी एक मंदिर के बाहर पोस्टर लगा दिया गया है। हाफ पैंट, छोटे कपड़े पहनकर आने वाले बाहर से ही दर्शन का लाभ प्राप्त करें। उदयपुर के सबसे बड़े जगदीश मंदिर के बाद अब राजधानी जयपुर के वैशाली नगर स्थित झारखंड महादेव मंदिर में भी ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है। यहां हाफ पैंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जीन्स, फ्रॉक आदि जैसे कपड़ों में एंट्री नहीं मिलेगी। मंदिर परिसर के मेन गेट पर ही मंदिर प्रशासन द्वारा इस तरीके का एक पोस्टर चिपकाया गया है। जो चर्चा विषय बना हुआ है।
जंगल और झाड़ की वजह से इस मंदिर का नाम झारखंड महादेव रखा गया
मान्यता है कि झारखंड महादेव स्वयंभू हैं। इसका मतलब होता है कि जो स्वयं से प्रकट हुए हैं। शिवलिंग कितना पुराना है, इसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं है। इस मंदिर के निर्माण को लेकर बताया जाता है कि 1918 में सेठ बब्बू जी माहेश्वरी ने गुरु गोविंद नाथ जी के आशीर्वाद से करवाया था। झारखंड महादेव नाम के पीछे का रहस्य यह है कि पहले यहां घने जंगल हुआ करते थे। उस घने जंगल और झाड़ की वजह से इस मंदिर का नाम झारखंड महादेव रखा गया। राजस्थान के मंदिरों में पहली बार छोटे कपड़ों पर रोक नहीं लगाई है। कुछ दिन पहले उदयपुर के जगदीश मंदिर में शॉर्ट टी शर्ट, शॉर्ट जींस, बरमुंडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट आदि पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।