जिले के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अब धक्के नहीं खाने होंगे। मरीजों की सहूलियत के लिए सरकार जल्द ही यहां क्यू मैनेजमेंट व ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम लागू करने जा रही है। राजस्थान के इस सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हर दिन औसतन 15 हजार मरीजों का इलाज होता है। यानी सलाना करीब 65 से 70 लाख मरीज यहां आते हैं और करीब 2.5 लाख सर्जरी यहां हर साल होती है।
मेडिकल एजुकेशन विभाग के सचिव आईएएस अम्बरीश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश हैं कि एसएमएस में जो भीड़ आती है, उसे व्यवस्थित रूप से मैनेज किया जाए। इसके लिए राज्य सरकार ने क्यू मैनेजमेंट व ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम लागू करने की बजट घोषणा भी की थी। राज्य सरकार कांवटिया अस्पताल में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम पहले ही लागू कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि क्यू मैनेजमेंट सिस्टम के चलते आज मंगलवार को डॉक्टर्स डे पर कांवटिया अस्पताल में रिकॉर्ड 3500 मरीजों की ओपीडी हुई और इसमें कहीं कोई परेशानी नहीं आई। अब जिले के सबसे बड़े अस्पताल में इसे लागू करने की कवायद चल रही है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम
अंबरीश कुमार ने बताया कि क्यू मैनेजमेंट के लिए हर डॉक्टर के कैबिन के बाहर एक टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी। जो मरीज डॉक्टर से मिलना चाह रहे हैं उनके नाम और टोकन नंबर स्क्रीन पर नजर आएंगे। मरीज वेटिंग एरिया में वेट कर सकते हैं और उन्हें डॉक्टर के चैंबर में भीड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राज उपचार पर मिलेगा अपॉइंटमेंट
इसके अलावा राज उपचार नाम से एक ऑनलाइन एप भी तैयार की गई है, जो एंड्रॉयड और आईफोन दोनों पर काम करती है। इस एप के जरिए मरीज डॉक्टर से मिलने का समय तय कर सकता है, इससे उसके समय की बचत भी होगी। जो मरीज अपॉइंटमेंट लेकर आएंगे, उनके काउंटर भी अलग होंगे। मरीज को जितने बजे की अपॉइंटमेंट मिलेगी, उससे 5 या 10 मिनट आगे डॉक्टर उसे देख लेगा।
दवा-लैब टेस्ट के लिए भी लाइन से मुक्ति
इसके दूसरे चरण में एक और व्यवस्था लागू होगी। मरीज जब डॉक्टर को दिखाकर आएगा तो उसकी पर्ची स्कैन होगी और वह फार्मासिस्ट के पास चली जाएगी। ताकि जब मरीज दवा की दुकान पर पहुंचे तो उसे इंतजार नहीं करना पड़े और उसे तुंरत ही दवा भी मिल जाए। इसी तरह से जितने भी लैब टेस्ट होंगे, सिटी स्कैन, एक्स-रे या एमआरआई, इन सबके लिए भी ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम लागू होगा, ताकि वहां पर भी लाइन लगाने की जरूरत न पड़े।
जुलाई तक लागू होगी नई व्यवस्था
एसएमएस में नई व्यवस्था जुलाई से शुरू करना चाहते हैं। फिलहाल जयपुरिया और कांवटिया में इसे लागू कर दिया गया है। एसएमएस में टीवी और लैन कैबलिंग का काम किया जा रहा है और यहां यूपीएस भी लगाया जाएगा ताकि सिस्टम रिलायबल रहे।