कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बालियान ने 8 अक्टूबर की रात उनके घर पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। बालियान का दावा है कि रात में पुलिस की एक गाड़ी उनके घर पहुंची। उन्होंने अपने साथी आशुतोष को फोन कर इसकी जानकारी दी और सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस से घर आने का कारण पूछा। उनके मुताबिक पुलिसकर्मियों ने केवल इतना कहा कि उन्हें ‘साहब’ ने बुलाया है और उनके साथ चलना होगा।
दुर्व्यवहार का आरोप
बालियान के अनुसार उन्होंने पुलिसकर्मियों से पहले उन्हें बुलाने का कारण स्पष्ट करने को कहा, जिसके बाद पहली टीम वहां से चली गई। कुछ समय बाद दोबारा गाड़ियां पहुंचीं। बालियान ने आरोप लगाया कि इस बार कुछ लोग सिविल ड्रेस में थे और उन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उनका दावा है कि उन्हें सम्मानपूर्वक ले जाने के बजाय गाड़ी में ‘फेंका’ गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि सिविल ड्रेस में आए लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति। बालियान के मुताबिक बाद में उनके नेताओं और समर्थकों के सोशल मीडिया पोस्ट तथा मीडिया में खबर सामने आने के बाद उन्हें वापस घर छोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर की तलाशी ली गई लेकिन कार्रवाई का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। बालियान का कहना है कि कारण पूछने पर उन्हें केवल ‘ऊपर से निर्देश’ मिलने की बात कही गई।
दिल्ली में आंदोलन जारी रखने का ऐलान
बालियान ने स्पष्ट किया कि कथित पुलिस कार्रवाई से उनका आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन वापस नहीं लिया गया है और यह होकर रहेगा। उनके मुताबिक आंदोलन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है।
केंद्रीय मंत्री के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें छात्रों की मांगें माने जाने की बात कही गई थी, बालियान ने आरोप लगाया कि मांगों पर विचार आंदोलन के दबाव में किया गया। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में प्रदर्शनकारी युवाओं पर अराजकता फैलाने और विदेशी फंडिंग जैसे आरोप लगाए गए लेकिन बाद में सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना पड़ा। बालियान ने भाजपा नेताओं की ओर से आंदोलनकारी युवाओं से मुलाकात करने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करने को भी पर्याप्त नहीं बताया। उनका कहना है कि युवा केवल तस्वीरें खिंचवाने से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि वे अपने मुद्दों पर बातचीत और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने सरकार से युवाओं के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनने की मांग की।
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कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से जोड़ने पर उठाए सवाल
आंदोलन को कांग्रेस या आम आदमी पार्टी से कथित तौर पर जोड़ने के आरोपों पर बालियान ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के अलग-अलग नेता आंदोलनकारियों को अलग-अलग राजनीतिक दलों से जोड़ते हैं। बालियान ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को पहले आपस में तय करना चाहिए कि आंदोलनकारी किस पार्टी की ‘टीम’ हैं।
राजस्थान में भी प्रदर्शन की तैयारी
बालियान ने राजस्थान में भी बड़े प्रदर्शन का संकेत दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान महिलाओं, पत्रकारों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता की गई। उनका कहना है कि राजस्थान में भी इसका जवाब आंदोलन के जरिए दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जयपुर या प्रदेश के अन्य हिस्सों में प्रदर्शन की तारीख और स्थान की घोषणा बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से की जाएगी।
निजी विश्वविद्यालय के छात्र आंदोलन को समर्थन
जयपुर में निजी विश्वविद्यालय की फीस से जुड़े छात्र आंदोलन पर भी बालियान ने समर्थन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मामला किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति से जुड़ा हो, यदि युवाओं के अधिकार प्रभावित होते हैं तो उनका संगठन उनकी आवाज उठाएगा। बालियान ने कहा कि युवाओं के हितों और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनका संगठन आगे भी संघर्ष जारी रखेगा।