राजस्थान में पिछले कई दिनों से खेजड़ी संरक्षण को लेकर बिश्नोई समाज द्वारा आंदोलन जारी है। महापड़ाव के बाद अब 72 घंटे से अधिक समय बीत चुका है और 300 से बढ़कर अब लगभग 500 संत अनशन पर बैठे हैं। इसमें से तीन संत की तबीयत गंभीर हो गई है।
धर्मशाला में बनाया गया अस्थायी अस्पताल
संतों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विष्णुई धर्मशाला में अस्थायी अस्पताल बनाया गया है, जहां उनकी नियमित निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री कर सकते हैं बड़ा एलान
राजस्थान सरकार के मंत्री के. के. विश्नोई बीकानेर पहुंच चुके हैं और संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही बिश्नोई समाज के साथ बातचीत हो सकती है। इसके अलावा, उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री राज्यपाल के अभिभाषण पर विधानसभा में अपना उत्तर प्रस्तुत करते समय खेजड़ी संरक्षण को लेकर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।
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लिखित में आश्वासन चाहता है बिश्नोई समाज
वहीं, बिश्नोई समाज का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे।