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Jaipur: अरूण चतुर्वेदी बोले- गहलोत राज में पोस्टरों तक सीमित 'बेटी बचाओ', हकीकत में भट्ठी में जल रही बेटियां

Fri, 04 Aug 2023 07:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा सीमए गहलोत 2023 के चुनावी तैयारी में मशगूल हैं और महिला अपराध रोकने में बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं। प्रदेश में बच्चियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं।
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पत्रकारवार्ता करते अरूण चतुर्वेदी व अल्का गुर्जर। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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जयपुर भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर राष्ट्रीय सचिव अल्का गुर्जर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने भीलवाड़ा में हुए नाबालिग के साथ रेप कर भट्टी में झोंकने के विभत्स 'भट्ठी काण्ड' पर संयुक्त प्रेसवार्ता की।

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पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कहा प्रदेश में बच्चियां कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। अपने खेत में पशुओं को चराने गई नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म कर क्रूर तरीके से जिंदा भट्ठी में झोंक दिया जाता है। प्रदेश में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसे सुनकर हर प्रदेशवासी की रूह कांप गई और गैर जिम्मेदार मुख्यमंत्री प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था को ढकने के लिए कहते हैं कि भाजपा अफवाह फैला रही है। गहलोत 2023 के चुनावी तैयारी में मशगूल हैं और महिला अपराध रोकने में बेबस और लाचार नजर आ रहें हैं।

अरूण चतुर्वेदी ने कांग्रेस के नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार के लोगों ने दुष्कर्म के काम किए। चाहे जाहिदा खान के परिवार का मामला हो, जोहरी लाल मीणा के बेटे का मामला हो, चाहे कठूमर विधायक बाबू लाल के भतीजे का मामला। सब पर दुष्कर्म के आरोप लग रहें हैं और सरकार यहां लीपापोती कर देती है। 
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कभी देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस थी राजस्थान पुलिस
कभी राजस्थान की पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस मानी जाती थी, लेकिन गहलोत के कमजोर नेतृत्व के कारण पौने पांच सालों में क्राइम रोकने में फिसड्डी साबित हुई। थाने सत्ताधारी विधायक और मंत्रियों के दबाव में काम करते हैं। उसका ही परिणाम है कि आज राजस्थान महिला सुरक्षा में बदत्तर होती जा रही है।

अरूण चतुर्वेदी ने कहा आज हम बहन बेटियों की आवाज को उठाना चाहते हैं, क्योंकि चाइल्ड पोर्नोग्राफी में भी राजस्थान अव्वल है। अश्लीलता और क्राइम परोसा जा रहा है। साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। राजस्थान पूरी तरह से जंगलराज के शिकंजे में है। विधायकों को खुली छूट मिली हुई है। भ्रष्टाचार चरम पर है और राजस्थान की पुलिस का इकबाल समाप्त हो चुका है। 'आज आम आदमी विश्वास और अपराधियों में डर' यह जो स्लोगन आपके रहते-रहते पूरी तरह पलट चुका है। आज अपराधियों में विश्वास और आमजन में भय का वातावरण है। मुख्यमंत्री अब अपने पैर की पट्टियां खोलकर प्रदेश में दुष्कर्म रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें।

महिला असुरक्षा की पराकाष्ठा हो चुकी है
राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर ने सरकार पर गरजते हुए कहा कि प्रदेश में महिला असुरक्षा की पराकाष्ठा हो चुकी है। प्रतिदिन अखबार खोलते ही प्रदेश में हो रहे दुष्कर्म की घटना सबसे पहले सामने होती है और बेशर्म शासन और प्रशासन आंखें मूंद कर बैठा है। मुख्यमंत्री ट्वीट करके कहते हैं कि दूसरे राज्यों के मुकाबले महिलाओं की स्थिति यहां बेहतर है, जबकि आंकड़े इसके उलट हैं। 2018 के बाद 46 प्रतिशत महिला अपराध बढ़ा और महिला उत्पीड़न के 45 हजार मामले दर्ज हुए, जिस पर मुख्यमंत्री गहलोत कहते हैं कि मुकदमे ज्यादा दर्ज करने के कारण मामले बढ़े हैं। वहीं, मुख्यमंत्री शर्मनाक बयान देते है कि 56 प्रतिशत मामले झूठे व आरोपी परिजन होते हैं। सरकार के वरिष्ठ मंत्री शांती धारीवाल सदन के पटल पर बलात्कार को मर्दानगी बताते हैं।
 
राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर ने कहा प्रदेश में कभी दलित बच्ची के साथ दुराचार, तो कभी तेजाब डालकर कुएं में फेंक दिया जाता है तो कभी बलात्कार करके धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता है। हाल ही में 4 दिन पहले भीलवाड़ा में पानी में पेशाब मिला दिया गया है और अब तो हद हो गई। दूसरा तंदूर कांड भीलवाड़ा में हुआ है।

राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर ने कहा हमेशा से ही राजस्थान प्रदेश महिलाओं की वीरता, शौर्य और सम्मान के लिए और सुरक्षित प्रदेश माना जाता था, लेकिन पिछले पौने पांच सालों में कांग्रेस सरकार ने इसे 'रेपिस्तान' बना दिया है। प्रदेश की बहन-बेटियां इस सरकार को कभी माफ नहीं करेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गृहमंत्री पद से तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए।

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