गोविंद सिंह डोटासरा और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा।
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बजट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा किरोड़ी लाल मीणा की ओर से डोटासरा को भेजी गई पर्ची को लेकर रही। दरअसल, किरोड़ी लाल मीणा सदन में बजट शुरू होने के करीब 14 मिनट बाद पहुंचे। इसके बाद भी वे सदन में अंदर-बाहर आते-जाते रहे। कुछ मौकों पर विपक्ष ने उन्हें टोक भी दिया कि बजट भाषण इतना बोरियत भरा है कि किरोड़ी लाल मीणा भी नींद ले रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि कृषि मंत्री सो रहे हैं, जिस पर किरोड़ी ने हंसते हुए कहा कि मैं अपनी तरह से जगा हुआ हूं। इसके बाद किरोड़ी ने एक पर्ची लिखी और डोटासरा को भेजी। जब यह घटना हो रही थी कि कई विधायक इसे टकटकी लगाकर देख रहे थे।
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वहीं, बजट पेश करते हुए दिया कुमारी ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां पढ़ीं। उन्होंने कहा कि ‘चलो नई मिसाल हो, जलो नई मिसाल हो, बढ़ो नया कमाल हो, झुको नहीं, रुको नहीं, बढ़े चलो’। इसके माध्यम से उन्होंने कहा कि सरकार समर्पण भाव के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएगी।
वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि ‘कम भोज, कम बोझ, अधिक भरोसा और तेज फैसले’ यही हमारी डबल इंजन की सरकार का सिद्धांत है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देते हुए जिला मुख्यालयों में मेंटल हेल्थकेयर सेल की स्थापना की घोषणा भी की, जिस पर सदन में हंसी और ठहाके सुनाई दिए।