राजस्थान में जयपुर नगर निगम चुनाव जीतने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। नगर निगम चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा ने एक बार फिर परिसीमन राग छेड़ दिया है। केंद्रीय मंत्री और जयपुर नगर निगम चुनाव समन्वयक अर्जुनराम मेघवाल ने गुरुवार को परिसीमन में शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
अर्जुनराम मेघवाल के नेतृत्व में प्रत्याशियों के चयन और चुनावी रणनीति को लेकर जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में अहम बैठक हुई। बैठक के बाद अर्जुनराम मेघवाल ने आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने जयपुर, जोधपुर व कोटा शहर में वार्डों के परिसीमन में शर्तों का उल्लंघन किया। इन शहरों में पुनगर्ठित नगर निगमों के लिए इसी महीने चुनाव हो रहे हैं।
मेघवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि 'राज्य सरकार ने वार्डों का परिसीमन करते समय राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मानकों व शर्तों का उल्लंघन किया।' उन्होंने कहा कि भाजपा का जनाधार शहरों में मजबूत है और कांग्रेस को नगर निगम बोर्ड बनाना मुश्किल प्रतीत हुआ, तो उसकी सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो नगर निगम बना दिए और वार्डों के परिसीमन में शर्तो का उल्लंघन किया, लेकिन भाजपा इस चैलेंज को स्वीकार करती है।
उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि नगर निकायों के चुनाव में भाजपा का एजेंडा सुशासन रहेगा।
29 अक्तूबर और एक नवंबर को मतदान
जयपुर हेरीटेज, जोधपुर उत्तर और कोटा उत्तर नगर निगम के चुनाव 29 अक्तूबर को और जयपुर ग्रेटर, जोधपुर दक्षिण और कोटा दक्षिण नगर निगम के लिए चुनाव एक नवंबर को होंगे। मतगणना तीन नवंबर को होगी।
राज्य में अनुसूचित जाति का उत्पीड़न बढ़ रहा- मेघवाल
मेघवाल ने कहा कि निगम चुनावों के लिए भाजपा अपना दृष्टि पत्र जारी करेगी। साथ ही राज्य सरकार की असफलताओं को उजागर करने के लिए आरोपपत्र भी जारी करेगी। राज्य की कथित बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सरकार पर हमला करते हुए मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में अनुसूचित जाति का उत्पीड़न और महिला अत्याचार के मामले बढ़े हैं।