जयपुर में डॉ. सोनदेव बंसल और उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर जारी डॉक्टरों का आंदोलन रविवार को स्थगित कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर द्वारा मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किए जाने के बाद चिकित्सा संगठनों ने यह निर्णय लिया। आंदोलन खत्म होने के साथ ही 7 मई की रात से बंद पड़े निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज की सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन राजस्थान के जोनल सचिव डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा एसआईटी गठन की घोषणा के बाद एसएमएस अस्पताल स्थित जेएमए सभागार में चिकित्सा संगठनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन को स्थगित करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि मरीजों की परेशानियों को देखते हुए सभी निजी अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से चिकित्सा सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया गिरफ्तार
प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विजय कपूर ने कहा कि सभी चिकित्सा संगठनों को सरकार और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. सोनदेव बंसल और उनके परिवार को न्याय मिलने तक संगठनों का विरोध जारी रहेगा तथा पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जाएगी।
डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया कि आंदोलन के दौरान चिकित्सा संगठनों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि वकीलों के एक समूह द्वारा लगातार धमकी, दबाव और भय का माहौल बनाया जा रहा था। साथ ही डॉ. बंसल की जमानत सुनवाई में भी व्यवधान उत्पन्न किए गए। संगठनों ने डॉक्टरों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
चिकित्सा संगठनों ने पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की, जिसे पुलिस कमिश्नर ने तत्काल स्वीकार कर लिया। पुलिस प्रशासन के इस निर्णय के बाद डॉक्टर संगठनों ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया। बैठक में जयपुर मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. जगदीश मोदी, सचिव डॉ. अनुराग तोमर सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।