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जयपुर: भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के एडीजी से 2.12 करोड़ की साइबर ठगी, महाराष्ट्र से जिम ट्रेनर गिरफ्तार

Sun, 18 Oct 2026 03:50 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

जयपुर में भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के एडीजी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.12 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के जिम ट्रेनर को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगों की मदद करता था।

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साइबर अपराध
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विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सेंट्रल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के अपर महानिदेशक (एडीजी) से 2.12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में महाराष्ट्र से एक जिम ट्रेनर को गिरफ्तार किया है। आरोपी टेलीग्राम चैनल के माध्यम से साइबर ठगों के संपर्क में था और उनके लिए फर्जी बैंक खाते, दस्तावेज और सिम कार्ड का प्रबंधन करता था। पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लेकर आई है। उससे साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है।

टेलीग्राम चैनल के जरिए जुड़ा

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साइबर क्राइम के अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह के अनुसार, जांच दल ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वॉट्सऐप चैट, बैंक खातों के विवरण और केवाईसी दस्तावेजों का विश्लेषण किया। इस दौरान महाराष्ट्र के उल्हासनगर निवासी जिम ट्रेनर रविंद्र जितेंद्र प्रसाद सिंह उर्फ अक्षय उर्फ देवा की संलिप्तता सामने आई।

आरोपी टेलीग्राम पर 'ब्रो पे' नामक चैनल के जरिए साइबर अपराधियों से जुड़ा था। पैसों के लालच में वह फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने, गिरोह के सदस्यों को होटल में ठहराने और उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को संभालने का काम करता था। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए देवा नाम का इस्तेमाल किया। साथ ही, गिरोह के एक अन्य आरोपी रोहित रेवण कटकधोंड को उल्हासनगर के एक होटल में ठहराया और उसकी निगरानी की।

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एपीके फाइल इंस्टॉल कर खातों तक पहुंच बनाई

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जांच में सामने आया कि आरोपी ने होटल में पार्सल के जरिए एक मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद प्राप्त किए थे। संबंधित व्यक्ति के निर्देश पर उसने मोबाइल में बैंक खाते से जुड़ा सिम कार्ड डाला और उसमें एक एपीके फाइल इंस्टॉल की।

इसके बाद आरोपी ने रोहित के बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, चेकबुक और तस्वीरें वॉट्सऐप के जरिए गिरोह के सदस्यों को भेजीं। विभिन्न बैंक खातों में ठगी की रकम का लेनदेन कराने के बदले उसे निश्चित कमीशन मिलता था। सेंट्रल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।

डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ऐंठे 2.12 करोड़ रुपये

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साइबर ठगों ने जयपुर में पदस्थापित भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी को वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल की। उन्होंने खुद को पुलिस और सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नाम आने की बात कही। आरोपियों ने फर्जी सरकारी पत्र दिखाकर गिरफ्तारी का डर पैदा किया।

इसके बाद पीड़ित पर लगातार ऑनलाइन निगरानी रखी गई और उन्हें लाइव लोकेशन चालू रखने के लिए दबाव डाला गया। खाते की जांच करने का झांसा देकर आरोपियों ने आरटीजीएस के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में 2.12 करोड़ रुपये जमा करवा लिए। पुलिस अब ठगी की रकम के लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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