अलवर के दांतिया गांव में मां ऊषा शर्मा और उसके दो मासूम बच्चों की मौत से परिवार सदमे में है। परदादा ने कहा कि स्कूल की छुट्टी नहीं होती तो बच्चे स्कूल चले जाते और शायद उनकी जान बच जाती।
अलवर के खेरली कस्बे के दांतिया गांव में तीन मासूमों की मौत से परिवार में मातम पसरा है। बच्चों के परदादा जगदीश प्रसाद शर्मा इस घटना से पूरी तरह टूट गए हैं। भावुक परदादा ने कहा कि बच्चे शनिवार को स्कूल में तीन दिन की छुट्टियां होने की बात कहकर खुश हो रहे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि रविवार सुबह की हंसी मातम में बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि रविवार को स्कूल की छुट्टी नहीं होती तो बच्चे स्कूल चले जाते और शायद आज जीवित होते। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
कमरे के अंदर ऊषा और दोनों बच्चे लहूलुहान हालत में पड़े थे। ग्रामीण तीनों को खेरली के उपजिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने तीन वर्षीय नंदनी को मृत घोषित कर दिया। उपचार के दौरान मुकुल और ऊषा ने भी दम तोड़ दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल ऊषा की छोटी बहन मनीषा को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
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