सोडाला थाना पुलिस ने संपत्ति और यूएसडीटी में निवेश कराने के नाम पर लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी मोहित कालोया और उसके सहयोगी घनश्याम कांडेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई करीब 1.25 करोड़ रुपये मूल्य की एक मर्सिडीज कार और एक ट्राइंफ बाइक बरामद की है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों द्वारा ठगी की राशि से कराई गई एक करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट को भी फ्रीज करवा दिया है।
निवेश पर भारी मुनाफे का दिया झांसा
परिवादी ऋषि मेहता ने सोडाला थाने में मामला दर्ज कराया था। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने मैसर्स ईजी वे होम्स के नाम पर निवेश करने और कुछ ही महीनों में भारी मुनाफा देने का भरोसा दिलाया था। आरोपियों के इस झांसे में आकर पीड़ित ने एक करोड़ 55 लाख रुपये चेक के जरिये और चार करोड़ रुपये नकद दे दिए।
पीड़ित के अनुसार, रकम देने के बाद जब भुगतान और मुनाफा मिलने का समय आया तो आरोपियों के मोबाइल फोन बंद मिले। संपर्क नहीं होने पर उसे कथित निवेश योजना को लेकर संदेह हुआ और उसने सोडाला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में सामने आया फर्जी वेबसाइटों का नेटवर्क
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहित कालोया को कालाडेरा क्षेत्र के गुढ़गांव से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके सहयोगी घनश्याम कांडेल को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को निवेश के नाम पर आकर्षित करने के लिए कई फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल करते थे। इन वेबसाइटों के माध्यम से निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाकर लोगों से रकम ली जाती थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
ठगी की रकम से खरीदी महंगी कार और बाइक
पुलिस कार्रवाई में आरोपियों के पास से एक मर्सिडीज कार बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक ट्राइंफ बाइक भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों वाहन कथित तौर पर ठगी की रकम से खरीदे गए थे।
पुलिस ने ठगी की राशि से कराई गई करीब एक करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट को भी फ्रीज करवा दिया है। इससे जांच के दौरान ठगी की रकम की बरामदगी और उसके इस्तेमाल से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
अन्य थानों में भी दर्ज हैं ठगी के मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में भी ठगी से जुड़े मामले दर्ज हैं। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर निवेश के नाम पर की गई कथित ठगी की पूरी रकम, पीड़ितों की संख्या और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी वेबसाइटों के जरिए कितने लोगों से संपर्क किया गया और कथित तौर पर जुटाई गई रकम को किन माध्यमों से अलग-अलग जगह निवेश या ट्रांसफर किया गया।