कर्नाटक के शिवमोगा ज़िले के भद्रावती का मूल निवासी आर.सुनील उर्फ बाबू बोया परबतसर थाना पुलिस के हत्थे आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली से चढ़ा है। उससे कड़ी पूछताछ के बाद खुलासा होने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। नागौर एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि 30 अक्टूबर को मंगलाना निवासी पीड़ित दामोदर प्रसाद पारीक ने परबतसर थाने में एक रिपोर्ट दी।
रिपोर्ट में बताया कि दोपहर 1:30 बजे उसने परबतसर पीएनबी बैंक से 2.80 लाख रुपए निकलवाए थे। बैंक से बाहर निकल कर रकम उसके साथी सुभाष और उसने हेलमेट में रख दी। थोड़ी दूर चलने पर उन्हें खुजली का एहसास हुआ तो वह मेडिकल स्टोर पर टैबलेट लेने रुक गए। खुजली मिटाने के लिए एंटी एलर्जिक दवा लेकर वह आराम करने वहीं रुक गए। इतनी देर में एक लड़का आया और साथी सुभाष को शर्ट पर चींटियां चलने की बात कही। पास ही नल पर हाथ मुंह धोने गए सुभाष का पीछा कर रहा वह लड़का रुपए लेकर भाग गया।
अजमेर के ब्यावर और किशनगढ़ में भी ऐसी घटनाएं होने की सूचना मिली
रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर एएसपी गणेशाराम चौधरी और सीओ रविराज सिंह के सुपरविजन और थानाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी इन्वेस्टिगेशन और इन्फॉर्मेशन जुटाई। जांच के दौरान अजमेर के ब्यावर और किशनगढ़ में इसी तरह की घटना होने की सूचना मिलने पर उन घटनाओं के आरोपियों के नाम पते मालूम कर टीम चेन्नई पहुंची। जहां राष्ट्रीय साइबर ऐप में उनकी फोटो अपलोड कर जरूरी जानकारी हासिल की गई।
2 महीने तक हैदराबाद, मुंबई, कर्नाटक सर्च, आंध्र प्रदेश में पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने इसके बाद हैदराबाद, मुंबई और कर्नाटक में टीम भेज कर आरोपियों की तलाश की। करीब 2 महीने तक राज्य से बाहर टीम सक्रिय रही और आरोपी का पता लगाने की भरसक कोशिश की। आखिरकार 10 जनवरी को आरोपी आर. सुनील को टीम ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली से पकड़ लिया।