सड़क हादसे रोकने के लिए छात्र ने बनाया अनोखा चश्मा।
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विज्ञान अरबतकनीकी मंत्रालय भारत सरकार की ओर से आयोजित इंस्पायर अवार्ड के तहत सीरी विधा मंदिर पिलानी की छात्रा कौशल कृष्णन ने आई ब्लींक सेंसर एंड ऑटोमेटिक ब्रेक सिस्टम नाम से मॉडल तैयार किया है। सीरी विद्या मंदिर स्कूल की विज्ञान विभागाध्यक्ष निर्मला कुमारी ने बताया कि 12 मई को चित्तौड़गढ में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता में कौशल कृष्णन शामिल होंगी।
ऐसे काम करता है चश्मा
कौशल कृष्णन ने बताया कि जब वह कक्षा नौ में थी तो कई सड़क हादसों में लोगों की मौत के समाचार पढ़े। इसमें कई हादसों का कारण चालक को झपकी आना था। इसलिए उसने यह मॉडल तैयार किया। कौशल कृष्णन ने एक चश्मा तैयार किया है। आंखें यदि दो-तीन सैकंड से ज्यादा बंद होती है, तो चश्मा में से बीप की आवाज आने लगती है। कुछ सैकंड बाद भी आंखें नहीं खुलती है तो फिर धीरे-धीरे गाड़ी के ब्रेक भी लगने शुरू हो जाते हैं और गाड़ी रुक जाती है।
इन 17 विद्यार्थियों का भी हुआ चयन
राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में कौशल कृष्णन के अलावा जिले के 17 और विद्यार्थियों का भी चयन किया गया है। इनमें चिड़ावा ब्लॉक के बास बिजौली की सरकारी स्कूल के दीपक जांगिड़ व हेमंत कुमार, खेतड़ी ब्लॉक की माधोगढ़ की मधु कुमारी, नवलगढ़ ब्लॉक के कुमावास के पीयूष खेतान, सरस्वती स्कूल बलवंतपुरा की अनन्या, सुबोध स्कूल की एंजल सैनी, डूंडलोद पब्लिक स्कूल डूंडलोद की समृद्धि, कुहाड़वास बुहाना की रिया, हंसासर की आस्था, नवलगढ़ ब्लॉक के खेदड़ों की ढाणी के शिवांशु, बिसाऊ के जतिन सैनी, बुहाना के आर्या नगर की प्रतिज्ञा, प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल झुुंझुनूं के मेहुल सिंह, जीबी मोदी पब्लिक स्कूल झुंझुनूं की पूर्वी टीबड़ा, डूंडलोद पब्लिक स्कूल सीतसर की दिव्या चौधरी, समसपुर के तिलोक कुमार व उदयपुरवाटी के आरबी निकेतन चंवरा की भव्या शर्मा शामिल है।