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हर चुनावों में बढ़ रही है नेताओं की तादाद

Wed, 27 Nov 2013 09:46 PM IST
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
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चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनावों में जमानत राशि बढ़ाए जाने के बावजूद प्रत्याशियों की संख्या में इजाफा हो रहा है तो वहीं जमानत गंवाने वालों का प्रतिशत भी बढ़ता जा रहा है।
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इस चुनाव में करीब 2100 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार वर्ष 2008 में हुए चुनाव में 2194 प्रत्याशियों में से 1730 जमानत गंवा बैठे थे।

इनमें भाजपा के 11 तथा कांग्रेस के 10 प्रत्याशी थे। वर्ष 2008 में भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रा सिंह की भी जमानत जब्त हो चुकी है। वे इस बार भी चुनाव मैदान में हैं।
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राजस्थान विधानसभा के 1998 में हुए चुनाव में 1422 प्रत्याशियों में से 972 की जमानत जब्त हुई, इनमें भाजपा के टिकट पर खड़े हुए 19 तथा कांग्रेस के चार प्रत्याशी जमानत गंवाने वालों में शरीक थे।

बढ़ाई थी जमानत राशि
वर्ष 2003 में 1541 में से 1081 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई जिनमें भाजपा के 12 और कांग्रेस के आठ प्रत्याशी थे।

पिछले चुनाव में जमानत राशि बढ़ाकर सामान्य वर्ग के लिए 5 हजार से 10 हजार तथा अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए पांच हजार कर दी थी।

इसके बावजूद 78 प्रतिशत प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई, जो वर्ष 2003 के चुनाव की तुलना में करीब आठ प्रतिशत अधिक थी।

वर्ष 2008 में हुए तेरहवीं विधानसभा के चुनाव में बहुजन समाजपार्टी के 199 में से 172 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। जबकि 20 सीटों पर खडे सीपीआई का एक भी प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाया था।
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