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राजस्थान में सबसे बड़ा युद्घाभ्यास करेगी वायुसेना

Fri, 22 Feb 2013 11:35 AM IST
जोधपुर/इंटरनेट डेस्क
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भारतीय वायुसेना राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री की मौजूदगी में आज अपनी प्रहारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी। वायुसेना राजस्थान के पोकरण और चांधण फील्ड फायरिंग रेंज में अब तक का सबसे बड़ा अभ्यास करने जा रही है। इस युद्वाभ्यास में 200 से भी अधिक लड़ाकू, युद्घक और परिवहन विमान रहेंगे।
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इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षामंत्री ए. के. एंटनी, राजस्थान की राज्यपाल मार्गेट अल्वा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी सहित 50 देशों के रक्षामंत्री और रक्षा विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। इस युद्घाभ्यास में दक्षिण एशिया और भारत के सबसे बड़े जोधपुर एयरबेस के सर्वाधिक 60 विमान और फलोदी, उत्तरलाई, जैसलमेर, नाल (बीकानेर) और भुज एयरबेस के विमान शामिल होंगे।

देश में पहली बार होने वाले दिन-रात के युद्धाभ्यास को लेकर कस्बे, रेंज से लगते गांवों व क्षेत्र में सुरक्षा के विशेष उपाय किए गए हैं। कस्बे से रेंज जाने वाली सड़क से लगते क्षेत्र में विशेष प्रबंध किए गए हैं। वायुसेना में हाल ही में शामिल रंग-बिरंगा विमान पिलेट्स 'अस्त्र' भी करतब दिखाएगा। इसके अलावा सुखोई, हरक्यूलिस व भारत का बहुद्देश्यीय हेलिकॉप्टर ध्रुव विमान भी पहली बार इस युद्धाभ्यास में शामिल होंगे।
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इसमें 200 से अधिक विमान 30 से 40 प्रकार के प्रदर्शन करेंगे। पैरा ड्रॉपिग टीम आकाश गंगा पैराशूट से जमीन पर छलांग लगाएगी। सुपरसोनिक लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआई, एम केआई, मिराज 2000, जगुआर, मिग-21, 27, 29 व हॉक विमान भाग लेंगे। युद्ध के दौरान आयुद्ध, वाहनों व टेंक का परिवहन करने वाले विमानों का प्रदर्शन भी होगा। ट्रांसपोर्ट वायुयानों में सीआई-30 जे, एएन-32, इम्बरार व आई एल 76, एमआई 17वीं 5-एम आई 17वीं फोर शामिल होंगे।

इसके अलावा वायुसेना में हाल ही में शामिल विमान तेजस का भविष्य भी इस अभ्यास से तय किया जायेगा क्योंकि तेजस को पहली बार किसी युद्धाभ्यास में शामिल किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि तेजस स्वदेश में निर्मित विमान है और इसमें मिसाइल कैरियर होता है जो छह मिसाइलें ले कर हवा में उड़ान भर सकता है। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू वायुयान के बेड़े में सबसे ऊपर अपना स्थान रखने वाले एसयू-30 विमान का संचालन जोधपुर एयरबेस से ही किया जायेगा।
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