पीड़ित ने न्याय के लिए प्रशासन से लगाई गुहार।
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राजस्थान के भरतपुर में एक पति दर-दर की ठोकरें खा रहा है। एक हादसे में उसके दोनों पैर कट गए, जिसके बाद से वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। पति के असहाय होने के बाद उसकी पत्नी ने भी उसका साथ छोड़ दिया, वह उसके साथ रहने को तैयार नहीं है। आखिर में पीड़ित पति ने न्याय के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।
ये मामला भरतपुर के पाडला गांव का है। यहां रहने वाला उन्नस ट्रक ड्राइवर था। ट्रक चलाकर वह अपने परिवार का गुजारा करता था। देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रक लेकर जाने के कारण वह कई दिनों तक घर से बाहर ही रहता था। जब भी घर आता तो अपनी पूरी कमाई पत्नी को दे जाता। घर बनाने के लिए एक जमीन भी पत्नी के नाम से ही खरीदी। लेकिन, चार साल पहले हुए एक सड़क हादसे ने उन्नस की जिंदगी खराब कर दी। उसके दोनों पैर कट गए, कई साल तक उन्नस बेड पर ही पड़ा रहा। अब पत्नी ने उसके साथ रखने से मना कर दिया है।
उन्नस अब ट्राईसाइकिल पर बैठकर प्रशासन और पुलिस से न्याय दिलाने की गुहार लगा रहा है। शिकायत के बाद नौगांव थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित उन्नस ने मीडिया को अपनी व्यथा सुनाई। उसने बताया कि कोटाकला गांव की रहने वाली जाहिदा से उसकी शादी 25 साल पहले हुई थी। जाहिदा पहले से एक बच्ची की मां थी। इसके बाद भी दोनों ने शादी की और साथ रहने लगे। 2017 में हुए एक सड़क हादसे के बाद उसके पैर गए। अब उसकी पत्नी और बच्चों ने धक्के देकर उसे घर से बाहर निकाल दिया है।
पीड़ित उन्नस ने बताया कि हादसे के बाद उसे क्लेम के 14 लाख रुपये मिले थे, जिसे उसकी पत्नी जाहिदा ने हड़प लिया है। साथ ही भाई के साथ मिलकर जमीन भी बेच दी है। उन्नस ने बताया कि 10 दिन पहले उसने नौगांवा थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।