Peacock Hunting: डूंगरपुर के घांटा का गांव में मीट खान के लिए खरगोश नहीं मिले तो शिकारियों ने पांच मोर का शिकार कर दिया था। मोर का शिकार करने के मामले में 39 दिन बाद पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में इसका खुलासा किया है। पूछताद में शिकारियों ने पुलिस को बताया की वे लगातार शिकार करते रहते हैं। उस दिन वे खरगोश का शिकार करने आए थे, लेकिन उसके नहीं मिलने पर उन्होंने पांच मोरों को मार दिया। जब्त टोपीदार बंदूकों के बारे में आरोपियों ने बताया कि वह उन्होंने किसी से खरीदी थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दो फरवरी को घांटा का गांव के जादेला मोड़ पर मोर का शिकार करने वालों पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान एक थार जीप से पांच मरे हुए मोर, दो टोपीदार बंदूक के साथ गोलियां भी जब्त की गईं थीं। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
केस दर्ज होने के बाद से पुलिस शिकारियों की तलाश में जुटी हुई थी। कई जगह दबिश देने के बाद 39 दिन बाद रविवार को आरोपियें को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए शिकारियों की पहचान इंद्रा कॉलोनी प्रतापगढ़ निवासी सोहेल खान (25) पुत्र अनवर खान, मप्र मंदसोर निवासी मोहम्मद रफीक अंसारी (45) पुत्र मोहम्मद इस्माइल, गलियाकोट हाल बड़गी निवासी शोराब खान (35) पुत्र जहागीर खान और गलियाकोट निवासी इलियास घांची (47) पुत्र मुशा घांची को गिरफ्तार किया। इस पूरी कार्रवाई को ओबरी थाना पुलिस ने अंजाम दिया।
पुलिस कर रही पूछताछ
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। उनसे अब तक किए गए शिकार के बारे में पूछताछ की जा रही है। साथ ही अवैध तरीके से बंदूक बेचने वाले युवक के बारे में भी जानकरी जुटाई जा ही है। पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।