हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार महिलाएं
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सीकर के किशनगढ़ रेनवाल निवासी एक युवक को अनजान कॉल पर युवती से बातें करना महंगा पड़ गया। युवती ने युवक अपनी बातों में उलझाया और उसे खाटूश्यामजी मिलने के लिए बुला लिया। खाटूश्याम में युवती युवक को एक होटल में ले गई। जिसके अगले दिन ही युवती की मां ने युवक से ढाई लाख रुपये मांगे।
इस मामले में खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने एक 50 साल की महिला और दो युवतियों को युवक से एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सीकर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि सोमवार को किशनगढ़ रेनवाल जिला जयपुर ग्रामीण निवासी 32 वर्षीय युवक राम सिंह ने थाना खाटू श्याम जी में एक परिवाद दिया। जिसमें उसने बताया कि 30 अप्रैल को उसके पास अनजान नंबर से एक युवती का कॉल आया। जिसने उसे जीजाजी संबोधित कर पहचानने के लिए कहा। नहीं पहचानने पर सुमन नाम बता कर खाटूश्यामजी मिलने के लिए बुलाया। उसी दिन वह युवती से मिलने के लिये खाटूश्यामजी चला गया।
खाटूश्यामजी में मिली युवती उसे एक होटल में ले गई। अगले दिन एक अन्य महिला ने युवक को कॉल कर अपने आपको सुमन की मां बताया और कहा कि कल तुम्हें और मेरी बेटी को मेरे जमाई ने देख लिया है, तुम आकर राजीनामा कर लो। जब वह युवक खाटूश्यामजी गया तो उन महिलाओं ने दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर ढाई लाख रुपए मांगे।
एसपी राष्ट्रदीप ने बताया कि परिवाद की सत्यता की जांच के बाद टीम गठित की गई। थानाधिकारी रिया चौधरी ने एक जाल बिछाया। युवक को एक लाख रुपये देकर महिलाओं की बताई गई जगह मण्डा चौराहे पर भेजा। जैसे ही उन महिलाओं ने युवक से पैसे लिए पुलिस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
युवक से हनी ट्रैप के इस मामले में नारंगी देवी बावरिया पत्नी श्रवण लाल (50) निवासी सुंदरपुरा थाना रानोली सीकर, सुमन देवी बावरिया पत्नी सागर मल (20) निवासी चैनपुरा थाना खाटू श्याम जी और प्रेम देवी बावरिया पत्नी राजेश कुमार (20) निवासी बधाल थाना रेनवाल जिला जयपुर ग्रामीण को गिरफ्तार किया गया है।
ऐसे बनाती हैं शिकार
गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं किसी भी प्रतिष्ठित मॉल या दुकान से किसी के भी मोबाइल नंबर लेकर उन्हें कॉल करती है। फिर वे शिकार को अपनी बातों में फंसा कर या कोई रिश्ता निकालकर कहीं मिलने के लिए बुलाती हैं। उसके बाद शिकार को बात करने के बहाने होटल लेकर जाती हैं। बाद में दुष्कर्म या अन्य झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे की मांग की जाती है। पहले भी इन महिलाओं ने कई अन्य जगह ऐसी वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है पर लोक लज्जा के कारण किसी भी पीड़ित ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया था।