राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच के जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने स्वायत्त शासन विभाग के मेयर को निलंबित करने के आदेश पर रोक लगा दी है। लगातार दूसरे दिन सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा - राज्य सरकार बिना प्राथमिक जांच के मेयर को निलंबित नहीं कर सकती। निलंबन में सरकार ने जो कानूनी प्रक्रिया अपनाई है, वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने मुनेश गुर्जर के पक्ष में आदेश जारी कर उनके निलंबन पर रोक लगा दी।
इससे पहले मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुनेश गुर्जर के अधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा था कि जिन आरोपों के आधार पर मेयर को निलंबित किया गया है, वो झूठे हैं और तथ्यों से परे हैं। ये कहा गया कि मेयर के पति सुशील गुर्जर ने उनकी उपस्थिति में 2 लाख रुपए लिए थे। जबकि एसीबी की एफआईआर में साफ कहा गया है कि 2 लाख दलाल नारायण सिंह के पास से बरामद किए गए थे। पैसा मेयर के घर से बरामद नहीं हुआ।