राजस्थान हाईकोर्ट ने गुर्जर आरक्षण पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि मामले की सुनवाई जारी रहने तक आरक्षण व्यवस्था का लाभ न दिया जाए। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि गुर्जरों को पांच फीसद आरक्षण से संवैधानिक असमानता की स्थिति पैदा हो जाएगी। इसलिए इस पर तत्काल रोक क्यों न लगा दी जाए?
हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब मांगा है। गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने हाल ही में गुर्जर सहित पांच जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग (एसबीसी) के तहत पांच प्रतिशत आरक्षण दिया था। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
याचिका में आरक्षण देने संबंधी सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए गए थे। सोमवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता आरडी रस्तोगी ने कहा था कि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग खुद ही सरकार के फैसले से संतुष्ट नहीं है।
याची ने कहा कि आरक्षण देने संबंधी फैसले में 25 जातियों पर निर्णय ही नहीं किया गया है।
दूसरी ओर राज्य सरकार ने अदालत में याचिका पर सुनवाई नहीं करने का आग्रह किया और कहा कि याचिकाकर्ता को यह याचिका करने का अधिकार ही नहीं है।