हनुमानगढ़ में नगर परिषद के सभापति चुनाव की सरगर्मियों के बीच हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त भंवरलाल सोनी समेत कई लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जमीन खरीद में गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोपों में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पहली प्राथमिकी आवंटी राजरानी पत्नी मुलकराज की जमीन में कथित धोखाधड़ी से जुड़ी है, जबकि दूसरी प्राथमिकी आवंटी कृष्णा रानी पत्नी ओमप्रकाश से संबंधित मामले में दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में
परिषद के कुल 60 वार्डों में से 35 वार्डों में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल गुट से जुड़े पार्षद बताए जा रहे हैं। सभापति पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों ने कुल छह नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकन जांच के बाद डमी फॉर्म निरस्त होने से अब तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं। निर्दलीय विधायक गुट से मंजू रणवा, भाजपा से विनीता बत्रा और कांग्रेस की सुशीला खींचड़ चुनाव मैदान में डटी हुई हैं।
पार्षदों की बाड़ाबंदी और क्रॉस वोटिंग की आशंका
सभापति चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक खेमों ने अपने-अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रखी है। निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल अपने पक्ष में 36 पार्षदों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। हालिया चुनाव में कांग्रेस के 10 पार्षद जीते हैं, जिनमें से एक पार्षद के निर्दलीय विधायक गुट के साथ जाने की चर्चा है। दूसरी तरफ, भाजपा के 15 पार्षदों के एकजुट होने की बात सामने आ रही है। बहुमत को लेकर अलग-अलग दावों के बीच तीनों खेमों को क्रॉस वोटिंग की आशंका सता रही है। इसी वजह से मतदान तक पार्षदों को अपने पाले में बनाए रखने के लिए खींचतान जारी है।
ये भी पढ़ें-
भिवाड़ी में आखिरी दांव से बदला पूरा खेल: कांग्रेस प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान, भाजपा की गुंजन निर्विरोध निर्वाचित
उपसभापति पद और 2019 का सियासी इतिहास
सभापति पद के साथ उपसभापति पद को लेकर भी बाड़ाबंदी में मंथन तेज हो गया है। वर्ष 2019 के परिषद चुनाव में कांग्रेस के 36, भाजपा के 18 और छह निर्दलीय पार्षद चुनाव जीते थे। तब भाजपा ने मनोज कुमार बंसल को उम्मीदवार बनाया था, जबकि कांग्रेस ने गणेशराज को मैदान में उतारा था। उस चुनाव में गणेशराज 41 मत पाकर विजयी हुए थे। इसके बाद उपसभापति चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई थी और कांग्रेस के अनिल खींचड़ उपसभापति निर्वाचित हुए थे।