भादरा उपखण्ड कार्यालय के बाहर बैठा किसान।
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हनुमानगढ़ जिले के भादरा में जमाबंदी के लिए चक्कर लगवाने से परेशान एक किसान तहसीलदार ऑफिस के शीशे वाले गेट पर चप्पल मारने लगा। इस दौरान कर्मचारियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो कहने लगा... क्या फायदा जब कोई काम ही नहीं होना है। इसके बाद वह एसडीएम ऑफिस के बाहर सड़क पर धरना देकर बैठ गया। मामला जिले की भादरा तहसील में सोमवार का बताया जा रहा है। घटना का वीडियो आज सामने आया है।
जानकारी के अनुसार भादरा तहसील के न्यांगल ग्राम पंचायत में सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय फार्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किया जा रहा है। इसी दौरान सोमवार को रतनपुरा गांव निवासी बदलूराम (50) कैंप में आया। उसने कर्मचारियों से जमीन की जमाबंदी (स्थानीय भाषा में फर्द) निकलवाने की बात कही तो उन्होंने ई-मित्र से निकलवाने की बात कही। इसके बाद वह गांव से चलकर भादरा ई-मित्र पर जमाबंदी निकलवाने आया, लेकिन उसकी जमाबंदी नहीं निकली। इससे परेशान होकर वह एसडीएम ऑफिस भादरा पहुंच गया, लेकिन वहां भी कुछ नहीं समाधान मिला। इसके बाद बदलूराम तहसीलदार ऑफिस पहुंच गया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि यहां कोई काम नहीं होगा, अभी कैंप लगाए जा रहे हैं, उनमें ही काम होगा। इससे गुस्साए किसान ने जोर-जोर से बोलते हुए अपनी चप्पल निकाल कर तहसीलदार ऑफिस के बाहर गेट के चप्पल मारने लगा।
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वहां खड़े व्यक्तियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने कहा कि क्या फायदा जब किसी का कोई काम ही नहीं होना होगा तो। समझाइश के बाद वह एसडीएम ऑफिस के बाहर मुख्य सड़क पर आकर धरना देकर बैठ गया। जब सुनवाई करने के लिए कोई नहीं पहुंचा तो करीब आधे घंटे के बाद वह उठकर चला गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भादरा तहसीलदार धर्मेंद्र जादू ने कहा कि मैंने इस संबंध में पटवारी सुभाष से बात की तो उसने बताया कि मैंने बदलूराम से पूछा था की जमीन किसके नाम है। उसने बताया कि मेरे पिता के नाम है। इस पर पटवारी ने उससे पिता के मोबाइल नंबर और दस्तावेज मांगे थे। हमारे पास लिखित में उसकी कोई शिकायत नहीं थी। रजिस्ट्री कैंप में किसान अपनी जामबंदी लेकर आते हैं और उसको फिर अपलोड करते हैं।