संगरिया में फ्रांस के इंजीनियर ने दिव्या ज्योति संग रचाया विवाह
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राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में फ्रांस से आई बरात और भारतीय रीति-रिवाजों से हुआ विवाह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। फ्रांस के रहने वाले मैकेनिकल इंजीनियर रोमेन ने संगरिया की दिव्या ज्योति के साथ अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। इस विवाह में दो देशों की संस्कृतियों और परिवारों का खूबसूरत संगम देखने को मिला।
ढोल-नगाड़ों पर जमकर थिरके फ्रांस से आए बाराती
विवाह समारोह में सबसे ज्यादा आकर्षण फ्रांस से आए मेहमानों का देसी अंदाज रहा। विदेशी बाराती सिर पर साफा बांधकर और पारंपरिक भारतीय पोशाक पहनकर समारोह में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकप्रिय हिंदी गानों पर उन्होंने जमकर नृत्य किया। भारतीय विवाह की रस्मों को लेकर विदेशी मेहमानों का उत्साह हर किसी को आकर्षित करता रहा। वधू पक्ष के परिजनों और स्थानीय लोगों ने फ्रांस से संगरिया पहुंचे मेहमानों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेशी मेहमान भी भारतीय परंपराओं और समारोह के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए।
न्यूजीलैंड में हुई थी दिव्या और रोमेन की पहली मुलाकात
दिव्या ज्योति संगरिया के सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी की बेटी हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और गुरुग्राम व नोएडा की प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया। आगे बेहतर अवसरों की तलाश में दिव्या न्यूजीलैंड चली गईं, जहां उन्होंने नौकरी शुरू की। न्यूजीलैंड में कार्यस्थल पर ही उनकी मुलाकात फ्रांस निवासी मैकेनिकल इंजीनियर रोमेन से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य परिचय था, जो धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गया। समय के साथ दोनों एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने लगे और उनके बीच प्रेम हो गया।
दोनों परिवारों की सहमति से संगरिया में हुई शादी
एक-दूसरे की सोच, कार्यशैली और पसंद को समझने के बाद दिव्या और रोमेन ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। दोनों ने जब शादी की इच्छा अपने परिवारों के सामने रखी तो परिजनों ने इस रिश्ते को सहमति दे दी। इसके बाद दोनों परिवारों की रजामंदी से विवाह संगरिया में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
शादी में शामिल होने के लिए रोमेन अपने माता-पिता, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ फ्रांस से संगरिया पहुंचे। भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार हुए इस विवाह में विदेशी मेहमानों की भागीदारी और उनका देसी अंदाज पूरे समारोह का खास आकर्षण रहा।