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फिर पटरियों पर उतरे गुर्जर, उखाड़ने लगे पटरियां

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(फोटो साभार फर्स्टपोस्ट)
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आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में गुर्जरों ने एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर बृहस्पतिवार को गुर्जर ट्रेन की पटरियों पर बैठ गए। इसकी वजह से कई ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा।

भरतपुर के बयाना में बृहस्पतिवार को गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में गुर्जरों ने महापंचायत की और सरकार को एक घंटे में वार्ता शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद वे पैदल मार्च निकालकर पटरियों तक पहुंचे और पटरियों पर बैठकर आंदोलन करने लगे।
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गुर्जरों ने कहा है कि जब तक सरकार की ओर से कोई वार्ता के लिए नहीं आता तब तक वे पटरियों पर ही बैठे रहेंगे। उन्होंने पटरियां उखाड़ना शुरू कर दिया है। राजस्थान सरकार ने आंदोलन पर नजर रखने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नीरज के. पवन को भेजा है।

साथ ही सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देर शाम मंत्रियों और अधिकारियों की आपात बैठक की। गुर्जर बयाना में पीलूपुरा फाटक से लेकर धूमरिया गांव तक पटरियों पर बैठे हुए हैं।
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आरक्षण की मांग पर गुर्जरों ने फिर शुरू किया आंदोलन

रेलवे ने एहतियात के तौर पर कोटा से होते हुए दिल्ली से मुंबई जानेवाले ट्रेनों को मथुरा होते हुए तथा मुंबई से दिल्ली जानेवाली ट्रेनों को जयपुर होते हुए निकालना शुरू कर दिया है। रोडवेज ने हिंडौंन और बयाना मार्ग पर बसों का संचालन बंद कर दिया।

रेलवे ने आपात स्थिति लागू कर स्थानीय अधिकारियों की 20 से 23 मई तक की छुट्टियां रद्द कर दी है। कोटा मंडल डीआरएम ने ड्यूटी समय के बाद भी मुख्यालय पर बने रहने के लिए पाबंद किया है।

पीलूपुरा व छौंकरा रेलवे स्टेशन के आसपास के गुर्जर बाहुल्य गांवों में लोगों की आवाजाही बढ़ने से एहतियात के तौर पर आरपीएफ की दो कंपनी व जीआरपी के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं।

महापंचायत के कारण प्रशासन ने बुधवार देर रात से बयाना में धारा 144 लगा दी है, लेकिन वहां सवेरे से ही गुर्जरों का पहुंचना शुरू हो गया था। महापंचायत से पहले आरक्षण के लिए गुर्जरों ने दस दिन की न्याय यात्रा शुरू की थी। इस दौरान दौसा, करोली, सवाई माधोपुर, भरतपुर व धौलपुर जिलों में सभाएं हुईं।
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चाहते हैं पांच फीसदी आरक्षण

गुर्जर समुदाय अपने लिए 50  फीसदी की वैधानिक सीमा के भीतर पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में समुदाय को इस वैधानिक सीमा के भीतर एक फीसदी आरक्षण मिला हुआ है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह के मुताबिक, उनकी मांग इस सीमा के भीतर चार फीसदी और आरक्षण देने की है। गुर्जर समुदाय 2008 से ही अपने लिए पांच फीसदी आरक्षण मांग रहा है।

पटरियां उखाड़ना शुरू किया, ट्रेनें डाइवर्ट
आंदोलन शुरू करने के बाद गुर्जर आंदोलनकारियों ने बृहस्पतिवार शाम तक ट्रेनों की पटरियाें को उखाड़ना शुरू कर दिया। इससे रेलवे प्रशासन और सकते में आ गया है। आनन-फानन ट्रेनों के रूट डाइवर्ट किए गए हैं। जिन ट्रेनों के रास्ते बदले गए हैं उनमें मुंबई राजधानी, कोटा-दिल्ली जन शताब्दी, मुंबई-भोजपुर जनता एक्सप्रेस, मुंबई-देहरादून एक्सप्रेस प्रमुख हैं।

बातचीत के दरवाजे खुले हैं: वसुंधरा राजे
इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा था कि बातचीत के लिए उनकी सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं। राज्य के गृह मंत्री गुलाब चंद्र कटारिया ने भी गुर्जरों से वार्ता की बात कही है।

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आरक्षण पर हमारा भी अधिकार है। अब तक समाज को इस हक से दूर रखा गया है। गुर्जर समाज के आरक्षण के मामले में सरकार कभी भी गंभीर नहीं रही। -कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला, गुर्जर नेता
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