राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय ने रविवार से अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी आंदोलन के तहत रविवार को भरतपुर में गुर्जर समुदाय के सदस्यों ने जगह-जगह रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया। इनमें से कई लोग ट्रैक पर उतर आए, वहीं कई लोग तो ट्रैक पर लेट भी गए।
भरतपुर में बड़ी संख्या में लोगों ने रेल मार्ग बंद कर दिया और लोगों ने पटरियों को उखाड़ते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। आरक्षण के लिए आंदोलन पर गुर्जर समाज के दो धड़ों में बंट गया है।
हिम्मत सिंह गुर्जर के नेतृत्व में गुर्जर आरक्षण समिति ने राजस्थान सरकार की कैबिनेट उप-समिति से 14 बिंदुओं पर बातचीत के बाद शनिवार को सहमति व्यक्त की है। कई बिंदुओं पर सहमति बनने के बावजूद गुर्जर नेता विजय बैंसला के नेतृत्व में दूसरे गुट का विरोध प्रदर्शन जारी है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने खेल मंत्री अशोक चांदना से मिलने और सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरा करने के बारे में उन्हें जानकारी देने की भी मांग की। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हम विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक सेवाओं को बाधित करने के शौकीन नहीं हैं, हम सिर्फ खेल मंत्री अशोक चांदना से बात करके जानना चाहते हैं कि सरकार ने उनके लिए क्या किया है।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि गुर्जर आंदोलन के मद्देनजर सात यात्री ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि हिंडौन सिटी-बयाना रेलवे लाइन को अवरुद्ध करने के कारण सात ट्रेनों के रास्ते बदल दिए गए हैं।
गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि वह राज्य के खेल और युवा मंत्री अशोक चांदना के जयपुर से बयाना आने का इंतजार कर रहे हैं। आगे की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि यह सरकार पर निर्भर करता है।
पुलिस ने बताया कि आंदोलन से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित होगा। बयाना-हिंडौन मार्ग पर यातायात की आवाजाही बाधित रही। इससे पहले शनिवार को, गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत अच्छी रही।
कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है। गृह विभाग ने भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, टोंक, बूंदी, झालावाड़ और करौली जिलों में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लागू कर दिया गया है। गुर्जर आंदोलन के दौरान पिछले दिनों चोट लगने से मरने वाले तीन लोगों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।