सोशल मीडिया पर चल रही इस कथित क्लिप में डोटासरा को आरबीएसई के चेयरमैन डीपी जरोली से यह कहते हुए सुना गया कि कि जरोली डोटासरा से आकर मिलें और सभी लंबित फाइलें निपटाएं। इस दौरान वह यह कहते हुए सुने गए कि हो सकता है कि लंबे समय तक शिक्षा मंत्री के पद पर न रहें। उन्होंने कहा, 'मेरे कार्यालय में फाइलें एक घंटे के लिए भी नहीं रहेंगी। आप सोमवार को आइए। मैं आपकी सभी फाइलें एक मिनट में निपटा दूंगा। मैं दो-पांच दिन का मेहमान हूं। आप जो कुछ करना चाहते हैं मुझसे करवा लीजिए।'
यह वीडियो कांग्रेस महासचिव अजय माकन की बुधवार को होने वाली जयपुर यात्रा से ठीक पहले सामने आया है। माकन का हाल के दिनों में यह दूसरा जयपुर दौरा है। पार्टी की प्रदेश इकाई के एआईसीसी प्रभारी अजय माकन और पार्टी के दूसरे महासचिव केसी वेणुगोपाल, मुख्यमंत्री गहलोत की मंत्रिपरिषद में रिक्त पदों की पैरवी के बीच शनिवार को जयपुर पहुंचे थे। पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद माकन ने कहा था कि कैबिनेट विस्तार को लेकर अब कोई विवाद नहीं है, अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया है।
वीडियो में डोटासरा, राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के खेमे के विधायक राकेश पारीक के साथ बैठे हुए और चाय पीते हुए कुछ लोगों से बात करते नजर आते हैं। डोटासरा के विरोधी उन्हें प्रदेश कांग्रेस का प्रमुख बनाए जाने के फैसले का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने डोटासरा को गहलोत कैबिनेट का 'जूनियर सदस्य' बताया है। बता दें कि डोटासरा के दो रिश्तेदारों को राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के साक्षात्कार में समान अंक मिलने पर विरोध का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इसमें किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में साल 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि कांग्रेस इन चुनावों को देखते हुए कुछ मंत्रियों को हटा सकती है और कुछ को प्रमोट किया जा सकता है। हालांकि, राजस्थान सरकार के मंत्री इस बारे में कुछ भी नहीं कह रहे हैं। इस समय गहलोत मंत्रिपरिषद के कुल 21 मंत्रियों में 10 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्री हैं। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट विस्तार जल्द ही होगा और इसके लिए अंतिम फैसला पार्टी के शीर्ष नेताओं पर छोड़ा गया है।