ट्रांसजेंडर्स के समावेशी विकास के लिए राजस्थान सरकार ने अलग योजना बनाई है। इसके तहत ट्रांसजेंडर्स को पढ़ाई से लेकर कारोबार करने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। गहलोत सरकार ने ट्रांसजेंडर बच्चों के लिए पूरी पढ़ाई मुफ्त में कराने का फैसला किया है। राज्य सरकार सरकारी खर्चे पर ड्रांसजेंडर्स को स्किल डेवलपमेंट के जरिए सशक्त करने में भी जुटी है। गहलोत सरकार ने ट्रांसजेंडर्स उत्थान कोष के नाम से योजना के नियम जारी कर इसे लागू कर दिया है। सीएम ने इस साल के बजट में इस योजना की घोषणा की थी।
छात्रवृत्ति लेने वाले छात्रों का खर्च भी उठाएगी सरकार
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है। योजना को कई चरणों में चलाया जा रहा है। पहला फेज ट्रांसजेडर बच्चों के लिए है ट्रांसजेंडर बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। तकनीकी और प्रोफेशनल पढ़ाई के लिए पूरी फीस सरकार भरेगी।। योजना का फायदा उन्हें ही मिलेगा, जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपये से कम हैं। ट्रासंजेंडर बच्चों को हर महीने प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप में 225 रुपये और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के 1000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा स्कॉलरशिप ले रहे ट्रांसजेंडर्स बच्चे अगर घर से बाहर पढ़ाई करेंगे तो उनके मकान किराए का पैसा भी सरकार देगी। इसके लिए 72 हजार रुपये तक देने का प्रावधान किया गया है।
कारोबार के लिए कर्ज लेने पर 25 फीसदी सब्सिडी
ट्रांसजेंडर्स को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग मुफ्त में करवाई जाएगी। स्किल डेवलपमेंट की पूरी फीस का भुगतान सरकार करेगी। इसके बाद खुद कारोबार शुरू करने के लिए सरकार उसकी लागत की 25 फीसदी सब्सिडी देगी।
सर्जरी के लिए 2.5 लाख की सहायता
ट्रांसजेंडर्स को लिंग चेंज सर्जरी करवाने पर भी सरकार मदद करने की घोषणा की है। सर्जरी के लिए 2.5 लाख रुपये तक की लागत सरकार उठाएगी। यह लाभ मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत उन्हें प्रदान किया जाएगा।
20 नवंबर को ट्रांसजेंडर्स दिवस मनाएगी सरकार
20 नवंबर को सरकार प्रदेश भर में ट्रांसजेंडर्स दिवस मनाने का फैसला किया है। प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक किन्नर महोत्सव और किन्नर आर्ट एंड कल्चर फेस्टिवल आयोजित कराए जाएंगे। राज्य स्तर के कार्यकम के लिए सरकार 10 लाख रुपये और जिला स्तर के कार्यक्रम के लिए 1 लाख रुपये देगी।