बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना उपखंड क्षेत्र चैनपुरा सरहद में सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिलने वाली दवाइयों को बिना एक्सपायरी डेट के सड़क के किनारे खुले में फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें प्रतिबंधित दवाइयां भी शामिल हैं।
उपयोग में लेने लायक वैध हैं दवाइयां
कूड़े में फेंकी गई इन दवाओं पर अंकित एक्सपायरी डेट जुलाई 2023 लिखा है भारी मात्रा में सरकारी इंजेक्शन दवाइयां और प्रतिबंधित दवाइयां भी शामिल हैं। इतना ही नहीं इनमें उपयोग में लेने के बाद मरीज ड्रीप इंजेक्शन कैनुला भी मात्रा में फेंकी हुई है जो खुले में डाले जाने के कारण ग्रामीणों को संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। दर्जन से अधिक प्रकार की दवाइयां और इंजेक्शन शामिल हैं। खुले में पड़ी इन दवाइयों से नासमझ बच्चों के द्वारा इसका सेवन करके जान जोखिम में डालने का भी डर सता रहा है।
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह से खुले में दवाइयां फेंकना गैरकानूनी है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के बाद भी अभी तक इसका निस्तारण नहीं करवाया गया है और न ही अभी तक इस मामले में कोई जांच करवाई गई है। स्थानीय लोगों ने इस तरह से सरकारी दवाइयों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए मामले में जांच की मांग की है।
बड़ा सवाल सरकारी दवाइयां यंहा पहुंची कैसे?
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि बिना एक्सपायरी डेट की दवाई और इंजेक्शन वह भी सरकारी कांउटर से आखिर यहां तक पहुंची कैसे? क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।