नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की चौथी नारको कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित।
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राजस्थान में नशे पर लगाम लगाने के लिए जल्द ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया जाएगा। एएनटीएफ प्रदेश में नशीली दवाओं के व्यापार और उनके दुरुपयोग को नियंत्रित करने की दिशा में काम करेगा।
यह बात मुख्य सचिव उषा शर्मा ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की चौथी नारको कोऑर्डिनेशन (राज्यस्तरीय एनकोर्ड) बैठक में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।
मुख्य सचिव उषा शर्मा ने बैठक में बताया कि नशे के प्रति जागरूकता लाने के लिए जल्द ही राज्य स्तरीय जागरूकता रणनीति तैयार की जाएगी। युवाओं में बढ़ते नशीली दवाओं के उपयोग को नियंत्रण करने के लिए प्रभावी कदम उठाने उठाए जाएंगे। बैठक में मौजूद गृह विभाग के अधिकारियों को उन्होंने रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।
उन्होंने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत प्रदेश में 12 से 15 अगस्त तक एक अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत स्कूली बच्चों को नशा नहीं करने की शपथ दिलवाई जाएगी। अगस्त महीने के अंत में होने वाले ग्रामीण ओलंपिक्स में भी इस शपथ को हिस्सा बनाया जाएगा। जिससे ग्रामीण ओलंपिक्स में बड़ी संख्या में भाग लेने वाले युवाओं को भी जागरुक किया जा सके।
शासन सचिवालय में हुई इस बैठक में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुतीकरण दिया। जिसमें उन्होंने नशे के नियंत्रण में राज्य की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग अभय कुमार भी उपस्थित थे।