कांग्रेस के दिग्गज नेता परसराम मदेरणा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके पुत्र पूर्व जलसंसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा को अदालत ने सोमवार को अनुमति दे दी।
महिपाल मदेरणा राजस्थान के बहुचर्चित भंवरी देवी मामले में जेल काट रहे हैं। परसराम मदेरणा का अंतिम संस्थान जोधपुर में होगा।
अंतिम संस्कार में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई दिग्गज नेताओं के पहुंचने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार परसराम मदेरणा की अंत्येष्टि 18 फरवरी को राजकीय सम्मान से उनके गांव जोधपुर के चाड़ी में की जाएगी। लंबी बीमारी के बाद जयपुर के सवाईमानसिंह अस्पताल में रविवार को परसराम मदेरणा का निधन हो गया था।
अदालत ने उनके पुत्र महिपाल मदेरणा को दो मार्च तक अपने पैतृक गांव चाड़ी में रहने की अनुमति दी है।
मदेरणा परिवार परसराम मदेरणा के पार्थिव शरीर को सोमवार को जयपुर से उनके पैतृक गांव चांडी के लिए रवाना हुआ।
इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष परसराम मदेरणा का रविवार सुबह निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे। लंबी बीमारी के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित सभी गणमान्य लोगों उनके निधन पर संवेदाना व्यक्त की है।
एसएमएस अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक वीरेन्द्र सिंह ने बताया पेट और पैरों में सूजन की शिकायत के बाद उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मदेरणा डायबिटीज और अस्थिसंधिशोथ जैसी बीमारियों से ग्रसित थे।
परसराम मदेरणा भंवरी हत्यकांड में आरोपी और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के पिता थे।
परसराम मदेरणा का जन्म 23 जुलाई 1926 को हुआ था।
अपने 40 वर्ष से भी अधिक लंबे राजनीतिक जीवनकाल में वह राजस्थान सरकार के प्रशासन, रेवेन्यू, पंचायत राज, कॉपरेटिव, फोरेस्ट, कॉलोनाइजेशन, कृषि, ऊर्जा विभाग समेत विभिन्न मंत्रालयों में मंत्री रहे।
परसराम मदेरणा वर्ष 1957 से 2003 तक 9 बार विधायक चुने गए। उनका राजनीतिक जीवन जोधपुर के चढ़ी गांव के सरपंच के रूप में शुरू हुआ और मदेरणा 2004 में राजस्थान विधानसभा के स्पीकर बने।