मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभा को संबोधित किया।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी महिला सशक्तिकरण की प्रतीक थीं। उन्होंने दिखाया कि एक महिला कैसे शासन कर सकती है। देश में जब संविधान बनाया गया था, तब महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया गया था। इससे साफ होता है कि उस दौर के नेताओं में महिलाओं के लिए प्रगतिशील विचार थे।
जयुपर में राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण देने के लिए भी बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2020 में शुरू हुई उड़ान योजना को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाए और इसके क्रियान्वयन में कोई भी कमी नहीं आनी चाहिए। बता दें कि इस योजना के तहत महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन मुफ्त दिए जाते हैं। सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
गहलोत ने कहा कि उन्होंने पिछले 20-25 साल में कोई फिल्म नहीं देखी थी। उड़ान योजना की कार्य योजना तैयार करने के दौरान पैडमैन फिल्म देखी इससे बहुत प्रेरित हुए। गांव की महिलाएं भी फिल्म देखें इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश को व्यवस्था करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने महिलाओं को इंदिरा महिला शक्ति पुरस्कार की श्रेणियों के तहत सम्मानित किया।
सीएम ने एक प्रदर्शनी का दौरा किया और संगठनों की महिला प्रतिनिधियों से बात कर उनके कार्यों के बारे में जाना।