रीट लेवल-2 पेपर लीक प्रकरण में एसओजी ने पूर्व बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली को क्लीनचिट दे दी है। एसओजी ने हाईकोर्ट में मामले से जुड़ी फाइनल रिपोर्ट पेश कर दी। एसओजी ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने जारोली सहित बोर्ड के अन्य अधिकारियों से पूछताछ की थी लेकिन किसी के खिलाफ भी मामला नहीं बनता। जिसके बाद कोर्ट ने एसओजी की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए आगे से जांच की मॉनिटरिंग करने से मना कर दिया।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार एसओजी ने कोर्ट को 40 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें डीपी जारोली से की गई पूछताछ का नोट भी कोर्ट में सब्मिट किया गया है। वहीं मामले की फाइनल सुनवाई 25 जुलाई को होगी। जांच रिपोर्ट में एसओजी ने कोर्ट को बताया कि पूरे मामले में अब तक 71 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिसमें से 65 लोगों के खिलाफ चालान भी पेश किया जा चुका है।
बता दें कि 26 नवंबर 2021 को रीट की लिखित परीक्षा आयोजित हुई थी। लिखित परीक्षा पहले ही कुछ लोगों के पास रीट का पेपर वॉट्सअप पर आ गया था। सवाईमाधोपुर के गंगापुरसिटी में दो पुलिस कांस्टेबल देवेन्द्र गुर्जर और यदुवीर सिंह के मोबाइल में रीट का पेपर मिला था। दोनों अपनी पत्नियों को नकल करवा रहे थे। दूसरी ओर बीकानेर और किशनगढ़ में हाइटेक तरीके से नकल करते अभ्यर्थी पकड़े गए थे। मामला सुर्खियों में आ गया। उसके बाद सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच एसओजी को सौंप दी थी। पेपर लीक मामले में बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारौली और बोर्ड सचिव को पद से हटा दिया गया था।
रीट लेवल-2 का पेपर लीक होने के बाद सरकार ने पूरी भर्ती परीक्षा को ही रद्द कर दिया था। वहीं रीट लेवल-1 को लेकर नियुक्ति प्रकिया जारी है। इसे लेकर एबीवीपी, मधु नागर और अन्य ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें से कुछ याचिकाओं में लेवल-2 के साथ लेवल-1 के पेपर को भी रद्द करने की मांग की गई है। वहीं कुछ याचिकाओं में लेवल-2 को बहाल करने की गुहार लगाई गई है। अब मामले की अंतिम सुनवाई 25 जुलाई को होगी।