फायरिंग की जांच करने पहुंची पुलिस।
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राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर के बांसेली गांव में शनिवार को दिनदहाड़े हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया। एक निजी रिसॉर्ट में हुई फायरिंग में 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जिन्हें इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।
फायरिंग में पूर्व पार्षद और हिस्ट्रीशीटर सवाई सिंह तंवर के सिर में गोली लगी थी। जिससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं, सवाई के दोस्त दिनेश तिवारी के पेट में गोली लगी थी। जिसका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सवाई सिंह पर ये हमला आपसी रंजिश में किया गया था। हमला हिस्ट्रीशीटर सूर्यप्रताप ने कराया है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने पूरे शहर में नाकाबंदी करवा दी है। बतादें कि फायरिंग में मरने वाले सवाई सिंह के बेटे की शादी 15 जनवरी को होनी थी। जिसकी तैयारियों को लेकर वे रिसोर्ट में मौजूद थे। इसी दौरान सूर्य प्रताप और उसके साथियों ने रिसोर्ट में आकर फायरिंग कर दी।
यह था पुराना मामला
अक्टूबर 1992 में अखबार चलाने वाले मदन सिंह की श्रीनगर रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी मां ने गोली मारने वाले एक आरोपी को पकड़ लिया था। भागने के लिए आरोपी ने मां के सिर पर बंदूक की बट मारी, जिससे बट का हिस्सा टूट गया। उसकी पहचान से पुलिस सुधीर शिव हरे तक की थी। जिस बंदूक से मदन पर गोली चलाई गई थी, वह सुधीर की ही थी। पुलिस ने इस मामले में सवाई सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार जयपाल, डॉ. जितेन्द्र चौधरी, नरेन्द्र सिंह पप्सा सहित अन्य को आरोपी बनाया गया।
चर्चा थी कि अजमेर के ब्लैकमेल कांड को लेकर छप रही खबरों को लेकर मदनसिंह और आरोपियों में रंजिश थी। इसी के चलते मदन की हत्या कराई गई थी, लेकिन लंबे समय तक चले केस बाद सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। कहा जा रहा है कि 30 साल बाद पिता की हत्या का बदला लेने के लिए सूर्यप्रताप ने सवाई सिंह की हत्या कराई है।