राजस्थान के हुनमानगढ़ जिले में हेरोइन तस्करी में लिप्त पिता-पुत्र ने गुरुवार सुबह पीलीबंगा थाना इलाके में परिवार पर हमला कर दिया। आरोपी उनके कमरे में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। हादसे में दंपति बुरी तरह झुलस गए, जबकि उनकी सात साल के बेटे की मौत हो गई। आरोपियों ने हेरोइन खरीदी के रुपयों को लेकर हुए विवाद में घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने कार्रवाई आरोपी पिता-पुत्र को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी अजय सिंह ने बताया कि गुरुवार को अस्पताल में भर्ती वार्ड नंबर 9 कस्बा पीलीबंगा निवासी जसवीर दास उर्फ मद्दी ने पुलिस को बताया कि 1 साल पहले वह चिट्ठा (हेरोइन) बेचने का काम करता था। पंजाब के रहने वाले पिता-पुत्र को कॉल कर अपने घर हेरोइन मंगवाता था। बुधवार दोपहर दोनों बाइक से उसकी गली में आए और किसी को हेरोइन की डिलीवरी देने लगे।
उसने दोनों को गली में चिट्ठा बेचने से मना किया तो उन्होंने देख लेने की धमकी दी और वहां से चले गए। रात के समय वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ कमरे में सो रहा था। सुबह करीब 5-5:30 बजे उसके कमरे में आग लग गई।
आग से झुलसे दंपति को हनुमानगढ़ गवर्नमेंट हॉस्पिटल और गंभीर रूप से झुलसे बच्चे एकमजीत उर्फ एकमदास को बीकानेर रेफर किया गया। पीड़ित का आरोप है कि पंजाब के रहने वाले दोनों पिता-पुत्र ने कमरे के गेट के नीचे से पेट्रोल डालकर आग लगाई है।
घटना की जांच के लिए पुलिस ने टीम गठित की और आरोपियों के नंबर के आधार उनकी लोकशन ट्रेस की। जिसके बाद पंजाब के अबोहर से आरोपी पिता बाज सिंह पुत्र मुकन्द सिंह मजबी सिख (53) और उसके बेटे शारज सिंह उर्फ गोरा (27) को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जसवीर दास से उनका हेरोइन खरीद के रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था। जसवीर उन्हें रुपए नहीं दे रहा था। इसका बदला लेने के लिए उन्होंने अपनी बाइक से पेट्रोल निकाल कर उनके कमरे में आग लगाई और मौके से फरार हो गए।