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Rajasthan: बेटे की जानी थी बारात और बेटी की होनी थी विदाई, पिता की मौत से खुशियों वाले घर में पसरा मातम

Thu, 09 Mar 2023 04:42 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

नागौर में बेटे और बेटी की शादी से पहले पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों ने शव को मोर्चुरी में रखवा कर दोनों की शादी कराई। बेटी को विदा करने और नई बहू के गृह प्रवेश के बाद पिता का शव घर पहुंचा तो मातम पसर गया।
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बेटे और बेटी की शादी, पिता की हो गई मौत। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नागौर के डेगाना उपखंड के चान्दारुण गांव में रहने वाले ओमप्रकाश जांगिड़ के घर में बेटे और बेटी की शादी की तैयारियां चल रहीं थीं। ओमप्रकाश सहित परिवार के अन्य लोग बेटे दीपक और बेटी ज्योति की शादी को लेकर बेहद खुश थे। घर में मंगलगीत गाए जा रहे थे। लेकिन, शादी वाले दिन की पहले की शाम ये खुशियां मातम में बदल गईं। एक सड़क हादसे में ओमप्रकाश की मौत हो गई। बेटे-बेटी के सिर से पिता का साया भी उठ गया, उनकी मां की पहले ही मौत हो चुकी थी।

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दरअसल, नागौर जिले के डेगाना-चांदारुण स्टेट हाइवे पर चांदारुण गांव में रहने वाले ओमप्रकाश पुत्र श्याम लाल जांगिड़ के बेटे और बेटी की शादी एक ही दिन होनी थी। मंगलवार को दीपक और ज्योति की मेहंदी की रस्म थी। रस्म और खाना खाने के बाद ओमप्रकाश स्कूटी से दर्जी की दुकान से कपड़े लेने के लिए डेगाना चले गए। जहां से वापस लौटते समय एक तेज रफ्तार टैक्टर ने राजकीय स्कूल के पास उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में ओमप्रकाश गंभीर घायल हो गए। पुलिस और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा, जहां इलाज डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  

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ग्रामीणों और परिजनों को ओमप्रकाश की मौत की जानकारी लगी तो सभी मायूस हो गए, लेकिन उन्होंने हादसे की खबर किसी और को नहीं लगने दी। ओमप्रकाश का शव मोर्चुरी में रखवाया और शादी की तैयारियां करते रहे। इधर, दीपक और ज्योति ने अपने पिता के बारे में पूछा तो परिवार वालों ने बताया कि उनका छोटा छोटा सा एक्सीडेंट हो गया है, अस्पताल में इलाज चल रहा है, जल्द ही घर जाएंगे।  

उधर, ओमप्रकाश का शव मोर्चुरी में रखा हुआ था और बेटे दीपक की बारात को बुटाटी नागौर के लिए रवाना किया गया, और बेटी ज्योति की बारात चांदारुण आई। परिजनों ने ज्योति की शांदी की रस्मों को घर में ना करा कर एक मंदिर में कराया। विदाई के बाद ज्योति को वापस घर लाया गया,उधर दीपक भी नई बहू को विदा कराकर घर लाया। परिवार वालों ने उसका गृह प्रवेश कराया गया।  
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इसके बाद ओमप्रकाश का शव घर लाया गया। जैसे ही शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। दीपक और ज्योति एक दूसरे से लिपटकर रोते रहे। उन्हें भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। शादी की खुशियों और घर में पसरे मातम के बीच ग्रामीणों और परिजनों ने ओमप्रकाश का अंतिम संस्कार किया। 

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